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खनन माफिया का संरक्षण कर रही विहिप: शिवानंद
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने विश्व हिंदू परिषद की मार्गदर्शक मंडल बैठक में गंगा को लेकर पारित किए गए प्रस्ताव पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विहिप खनन माफिया का संरक्षण कर रही है। हिंदुओं का हित करने के बजाय अहित कर रही है।
एक बयान में स्वामी शिवानंद सरस्वती में कहा कि राम के नाम पर कई दशक से विश्व हिंदू परिषद के नेता अपनी राजनीति चमका रहे हैं। अब गंगा को भी निशाना बनाया जा रहा है। जिस तरह मार्गदर्शक मंडल की बैठक में नदियों की गाद साफ करके अविरल बनाने की बात कही गई है। उससे स्पष्ट है कि विहिप के नेता खनन माफिया का संरक्षण करने में लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि खनन करा कर नदियों को नेस्तनाबूद करने की साजिश है, जिसे मातृ सदन कभी सफल नहीं होने देगा। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने विहिप के नेताओं पर ढोंग रचने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले वर्ष प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद अर्से तक मातृ सदन में अनशन करते रहे। उनके बलिदान के बाद भी किसी विहिप नेता ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित नहीं किए। ऐसा ही ब्रह्मचारी निगमानंद के बलिदान के बाद हुआ। हाल ही में 194 दिनों तक ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के अनशन के समय भी किसी विहिप नेता को यह याद नहीं आई कि गंगा की लड़ाई लड़ रहे ब्रह्मचारी को समर्थन दें। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को चेतावनी दी कि वह और मुद्दों पर तो अपनी राजनीति चमकाते रहें। लेकिन, मातृ सदन उन्हें गंगा के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगा।
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मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने विश्व हिंदू परिषद की मार्गदर्शक मंडल बैठक में गंगा को लेकर पारित किए गए प्रस्ताव पर सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विहिप खनन माफिया का संरक्षण कर रही है। हिंदुओं का हित करने के बजाय अहित कर रही है।
एक बयान में स्वामी शिवानंद सरस्वती में कहा कि राम के नाम पर कई दशक से विश्व हिंदू परिषद के नेता अपनी राजनीति चमका रहे हैं। अब गंगा को भी निशाना बनाया जा रहा है। जिस तरह मार्गदर्शक मंडल की बैठक में नदियों की गाद साफ करके अविरल बनाने की बात कही गई है। उससे स्पष्ट है कि विहिप के नेता खनन माफिया का संरक्षण करने में लगे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि खनन करा कर नदियों को नेस्तनाबूद करने की साजिश है, जिसे मातृ सदन कभी सफल नहीं होने देगा। स्वामी शिवानंद सरस्वती ने विहिप के नेताओं पर ढोंग रचने का आरोप लगाया। कहा कि पिछले वर्ष प्रोफेसर जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद अर्से तक मातृ सदन में अनशन करते रहे। उनके बलिदान के बाद भी किसी विहिप नेता ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित नहीं किए। ऐसा ही ब्रह्मचारी निगमानंद के बलिदान के बाद हुआ। हाल ही में 194 दिनों तक ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के अनशन के समय भी किसी विहिप नेता को यह याद नहीं आई कि गंगा की लड़ाई लड़ रहे ब्रह्मचारी को समर्थन दें। उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को चेतावनी दी कि वह और मुद्दों पर तो अपनी राजनीति चमकाते रहें। लेकिन, मातृ सदन उन्हें गंगा के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगा।
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