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किसान हित में सभी गुटों के एक मंच पर आने की जरूरत

Wed, 12 Jun 2019 11:48 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 11:48 PM IST
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किसान हित में सभी गुटों के एक मंच पर आने की जरूरत
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala

हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन अंबावता गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को जगाने के लिए एक जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी यदि सरकार नहीं जागी तो दो अक्तूबर को गांधी जयंती पर दिल्ली में देशव्यापी धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि टिकैत और अंबावता गुट एक मंच पर आ जाए तो किसानों की समस्याओं पर काम करने को सरकारें मजबूर हो जाएंगी।

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बुधवार को गंगा के अलकनंदा घाट पर भारतीय किसान यूनियन अंबावता के तीन दिवसीय अधिवेशन का समापन तहसीलदार आशीष घिल्डियाल को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन देकर किया गया। इससे पूर्व अधिवेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता ने कहा कि किसानों की हालत देखने को कोई भी सरकार तैयार नहीं है। समस्याओं को देखते हुए किसान आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकारों पर इसका भी असर नहीं है। केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि यदि स्वामी नाथन की रिपोर्ट, किसान आयोग और किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जाता है तो उन्हें आरपार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होना पड़ेगा।
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उन्होंने सभी संगठनों को एकजुट होकर एक मंच पर आने को न्यौता दिया। कहा कि अंबावता गुट की ओर से एकजुट होने की पहल की गई है। प्रदेश अध्यक्ष पदम सिंह भाटी ने कहा कि चीनी मिल प्रबंधन मनमानी पर उतर आए हैं। किसानों के आंदोलनों को कुचलने का पूरा प्रयास किया जाता है।इस मौके पर युवा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार, युवा जिलाध्यक्ष राजदीप मेनवाल, जिलाध्यक्ष पहल सिंह पंवार, अजय चौधरी, रामपाल अंबावता, पुष्पा धनगड़, अतर सिंह संधु, शमशेर सिंह दहिया, पवन तोमर, लाल बहादुर यादव, महेश कसाना, जग्गी पहलवान, नीरज पंवार, राष्ट्रीय महासचिव राव इरशाद, महाश्य रणवीर, कोमल रानी, शालिनी मेहता, सुरेश छिब्बर, मुस्ताक वाजिद अली, अशोक नागर, प्रवीण अंबावता, मटरू नागर, राजकुमार पांडे, गंगा प्रसाद यादव, बलविंद्र सिंह बाजवा आदि शामिल हुए।
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ज्ञापन में यह थी पांच सूत्री मांगें
- किसान हितों के लिए स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट तत्काल लागू की जाए।
- पूरे देश के किसानों का बिना विलंब के संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए।
- गन्ने का भुगतान गन्ना डालने के 14 दिन में किया जाए, भुगतान में देरी होने पर किसान को ब्याज सहित भुगतान किया जाए। - सिंचाई के लिए किसानों को बिजली आपूर्ति मुफ्त में दी जाए।
- किसान व किसान के परिवार को 6 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।

मैदान में भरा पानी, किसान रहे परेशान
बुधवार की सुबह तड़के करीब तीन बजे बारिश होने से अलकनंदा घाट के मैदान में पानी भर गया। पानी भर जाने से किसानों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। इससे अधिवेशन की सभा जैसे तैसे की गई। खाने के लिए लगायी गई भट्टियों में पानी भर जाने से खाना बनाना मुश्किल रहा।


यूनियन की कार्यकारिणी का किया विस्तार
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल अंबावता ने बताया कि समस्त प्रदेशों के प्रवक्ताओं को हटाते हुए कई प्रदेशों के नए प्रवक्ता बनाए गए। इसमें उत्तराखंड के प्रदेश प्रवक्ता मनोज चौधरी, दिल्ली के प्रवक्ता मास्टर मानसिंह डागर बनाए गए हैं। जबकि राष्ट्रीय महासचिव राव इरशाद खान को बनाया गया। उत्तर प्रदेश को तीन भागों में बांटते हुए पूर्वांचल के अध्यक्ष राजकुमार पांडेय, पश्चिम यूपी के जग्गी पहलवान को बनाए गए। वहीं बने सिंह को राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए। यूपी में महासचिव ललित त्यागी को यूनियन से बाहर कर दिया। इसके अलावा अन्य प्रदेशों की कार्यकारिणी का विस्तार दिल्ली में किया जाएगा।

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