विज्ञापन
विज्ञापन

आखिर कब गंगा निर्मल होगी और कब तक ‘निगमांनद’ और ‘सानंद’ बलिदान होते रहेंगे?

Dehradun Bureauदेहरादून ब्यूरो Updated Wed, 12 Jun 2019 11:48 PM IST
स्वामी सानंद से पहले गंगा रक्षा के लिए प्राण त्यागने वाले स्वामी निगमानंद
स्वामी सानंद से पहले गंगा रक्षा के लिए प्राण त्यागने वाले स्वामी निगमानंद
ख़बर सुनें
हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
मां गंगा निर्मल और अविरल बहती रहे इस संकल्प के लिए पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था मातृसदन के ब्रह्मचारी निगमानंद सरस्वती को अपना बलिदान दिए हुए आठ साल बीत गए हैं। गंगा और निगमानंद का बलिदान आज भी सिस्टम और समाज से सवाल पूछ रहा है कि आखिर कब गंगा निर्मल होगी और कब तक ‘निगमांनद’ और ‘सानंद’ बलिदान होते रहेंगे।

जगजीतपुर स्थित मातृसदन के ब्रह्मचारी निगमानंद ने गंगा में अवैध खनन पर रोक लगाने, गंगा की धारा को अविरल बनाने समेत अन्य मांगों को लेकर वर्ष 2011 में 115 दिन तक अनशन किया था। 13 जून को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली थी। हरिद्वार में गंगा की रक्षा के लिए हुआ यह बलिदान सबसे पहला बलिदान माना गया है। उम्मीद जताई जा रही थी कि निगमानंद का बलिदान कुछ बदलाव लाएगा। देश और दुनिया का ध्यान गंगा के हालात की तरफ खींचने वाली इस घटना पर सभी की नजर थी, लेकिन हालात नहीं बदले। गंगा रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करने वाली संस्था मातृसदन को इसके बाद भी लगातार अनशन और संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा। स्थिति यह हुई कि पिछले साल एक और संत स्वामी ज्ञान स्वरूप सानंद उर्फ जीड़ी अग्रवाल ने भी मातृसदन में अनशन किया और पिछले साल 11 अक्टूबर को उनका भी देहावसान हो गया।

ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद सरस्वती ने हाल ही में करीब 194 दिन तक अनशन करने के बाद चार मई को सरकार के प्रतिनिधियों के इस आश्वासन पर अनशन समाप्त किया था कि गंगा पर बन रहे बांधों का निर्माण रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। मगर इस पर भी कार्रवाई नहीं की गई। गंगा में अवैध खनन आज भी जारी है। गंगा के किनारे से पांच किलोमीटर की दूरी तक लगाए गए स्टोन क्रशर हटाए नहीं गए हैं। गंगा पर बनी विद्युत परियोजनाओं पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने आरोप लगाया कि माफिया, राजनेताओं और नौकरशाहों के गठजोड़ की वजह से गंगा आज बर्बाद हो रही है। ब्रह्मचारी निगमानंद और स्वामी सानंद के बलिदान के बाद भी मातृसदन गंगा के लिए अपना संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ेगा। उन्होंने मोदी सरकार से गंगा हित में प्रभावी कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई। कहा कि बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा चार दिवसीय बलिदान दिवस कार्यक्रम में गंगा की रक्षा के लिए भावी आंदोलनों पर भी चर्चा की जाएगी।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

ज्योतिष विशेषज्ञ से पूछें सवाल - कैसा होगा करियर, कैसे चलेगा व्यापार, किसे मिलेगी तरक्की और किसे मिलेगा प्यार।
Astrology

ज्योतिष विशेषज्ञ से पूछें सवाल - कैसा होगा करियर, कैसे चलेगा व्यापार, किसे मिलेगी तरक्की और किसे मिलेगा प्यार।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Haridwar

शहरी विकास मंत्री ने कसे अफसरों के पेंच

शहरी विकास मंत्री ने कसे अफसरों के पेंच

18 जून 2019

विज्ञापन

टेंपो ड्राइवर ने दिखाई दरोगा को तलवार तो पुलिस ने कर दी सड़क पर पिटाई, नाबालिग को भी नहीं छोड़ा

दिल्ली में एक टेंपो ड्राइवर के साथ पुलिस की मारपीट का वीडियो वायरल हुआ तो हंगामा मच गया। आपको दिखाते हैं टेंपो ड्राइवर और पुलिसवालों के बीच हुई मारपीट का वो वीडियो जिसके बाद मामला काफी गरमाया गया है।

18 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election