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हथगोला हाथ में फटने से गई थी महिला की जान
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ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
गांव डालूपुरी में धमाके में हुई महिला यशोदा की मौत से स्थानीय पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। वन विभाग में संविदा पर कार्यरत जीतराम ने ही घर में विस्फोटक (गंधक पोटॉस) रखा हुआ था। उसका हथगोले बनाते वक्त धमाका होने से महिला की जान चली गई। पति ने ही मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी थी। देर रात तक चली पूछताछ के बाद पति ने ही पूरी हकीकत उगल दी। इधर, पति की तरफ से ही गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया गया है। पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
मंगलवार की शाम गांव डालुपुरी में एक घर में हुए धमाके में महिला यशोदा की जान चली गई थी जबकि उसकी सास छोटे देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। स्थानीय पुलिस जब मौके पर पहुंची थी तब घटनास्थल पर विस्फोटक का साक्ष्य नहीं मिला था। जमीन का कुछ हिस्सा धसा हुआ था। घटना के चश्मदीद बताए जा रहे महिला के बच्चों ने पुलिस के समक्ष कहानी बयां की थी कि पेड़ पर बैठे एक कौआ कुछ चीज लाया था। चोंच में फंसी कुछ चीज नीचे गिरी थी, जिसे उनकी मां ने जैसे ही उठाया था तब वह फट गया। यह पूरी कहानी पुलिस के भी गले नहीं उतर रही थी। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी समेत आला अफसरों ने गांव में डेरा डाल लिया था। बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए थे। देर रात तक चली पूछताछ के बाद घटना का खुलासा हो गया। पुलिस ने बताया कि वन विभाग में संविदाकर्मी के तौर पर कार्यरत मृतका का पति जीतराम आबादी क्षेत्र से जंगली जानवरों को खदेड़ने का काम करता है। जंगली जानवरों को खदेड़ने के लिए एक देसी तरह की बंदूक में वह विस्फोटक को इस्तेमाल कर आवाज करता था। उसकी पत्नी उसी विस्फोट के छोटे गोले तैयार कर रही थी, उसी दौरान विस्फोट होने से उसकी जान चली गई। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार पति ने पूरा घटनाक्रम कबूला है।
आसानी से उपलब्ध है गंधक पोटास
आतिशबाजी के व्यवसाय से जुड़े लोगों से गंधक और पोटास आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जीतराम वन विभाग में संविदाकर्मी के तौर पर कार्यरत है लिहाजा उसे यह खरीदने में अधिक दिक्कत नहीं आती थी। आमतौर पर जुलूस और रामलीला में मंचन के दौरान तेज धमाके लिए एक खास किस्म की देसी बंदूक में इसका इस्तेमाल होता है।
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गर्मी से फटा हथगोला
माना जा रहा है कि अधिक गर्मी होने के कारण ही विस्फोट हुआ। दरअसल, महिला अपने घर के बाहर बैठकर छोटे हथगोले बना रही थी। गर्मी अधिक पड़ रही है। संभवत इसी वजह से हथगोला फट गया। हालांकि, इस बात पर मोहर फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगी।
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गांव डालूपुरी में धमाके में हुई महिला यशोदा की मौत से स्थानीय पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। वन विभाग में संविदा पर कार्यरत जीतराम ने ही घर में विस्फोटक (गंधक पोटॉस) रखा हुआ था। उसका हथगोले बनाते वक्त धमाका होने से महिला की जान चली गई। पति ने ही मनगढ़ंत कहानी गढ़ दी थी। देर रात तक चली पूछताछ के बाद पति ने ही पूरी हकीकत उगल दी। इधर, पति की तरफ से ही गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कराया गया है। पुलिस को फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।
मंगलवार की शाम गांव डालुपुरी में एक घर में हुए धमाके में महिला यशोदा की जान चली गई थी जबकि उसकी सास छोटे देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। स्थानीय पुलिस जब मौके पर पहुंची थी तब घटनास्थल पर विस्फोटक का साक्ष्य नहीं मिला था। जमीन का कुछ हिस्सा धसा हुआ था। घटना के चश्मदीद बताए जा रहे महिला के बच्चों ने पुलिस के समक्ष कहानी बयां की थी कि पेड़ पर बैठे एक कौआ कुछ चीज लाया था। चोंच में फंसी कुछ चीज नीचे गिरी थी, जिसे उनकी मां ने जैसे ही उठाया था तब वह फट गया। यह पूरी कहानी पुलिस के भी गले नहीं उतर रही थी। एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी समेत आला अफसरों ने गांव में डेरा डाल लिया था। बम निरोधक दस्ता और फोरेंसिक टीम ने भी पहुंचकर साक्ष्य एकत्र किए थे। देर रात तक चली पूछताछ के बाद घटना का खुलासा हो गया। पुलिस ने बताया कि वन विभाग में संविदाकर्मी के तौर पर कार्यरत मृतका का पति जीतराम आबादी क्षेत्र से जंगली जानवरों को खदेड़ने का काम करता है। जंगली जानवरों को खदेड़ने के लिए एक देसी तरह की बंदूक में वह विस्फोटक को इस्तेमाल कर आवाज करता था। उसकी पत्नी उसी विस्फोट के छोटे गोले तैयार कर रही थी, उसी दौरान विस्फोट होने से उसकी जान चली गई। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के अनुसार पति ने पूरा घटनाक्रम कबूला है।
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आसानी से उपलब्ध है गंधक पोटास
आतिशबाजी के व्यवसाय से जुड़े लोगों से गंधक और पोटास आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जीतराम वन विभाग में संविदाकर्मी के तौर पर कार्यरत है लिहाजा उसे यह खरीदने में अधिक दिक्कत नहीं आती थी। आमतौर पर जुलूस और रामलीला में मंचन के दौरान तेज धमाके लिए एक खास किस्म की देसी बंदूक में इसका इस्तेमाल होता है।
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गर्मी से फटा हथगोला
माना जा रहा है कि अधिक गर्मी होने के कारण ही विस्फोट हुआ। दरअसल, महिला अपने घर के बाहर बैठकर छोटे हथगोले बना रही थी। गर्मी अधिक पड़ रही है। संभवत इसी वजह से हथगोला फट गया। हालांकि, इस बात पर मोहर फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लग सकेगी।