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नंबर प्राइवेट और काम ले रहे टैक्सी का
आशीष डोभाल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 06 Apr 2016 02:40 PM IST
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31 मार्च 2016 तक आरटीओ देहरादून संभाग के एआरटीओ प्रवर्तन ने अपने निर्धारित सालाना लक्ष्य से दोगुने से भी अधिक जुर्माना वसूला है।
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इनमें से 110 वाहन ऐसे थे जो प्राइवेट नंबर लेकर टैक्सी का काम कर रहे थे। रूटिन चेकिंग और कई अभियानों में एआरटीओ प्रवर्तन ने वाहनों को सीधे सीज कर बीस से तीस हजार तक हर वाहन वसूला और भविष्य में टैक्सी का काम नहीं करने की हिदायत भी दी है।
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एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद पांडे ने बताया कि 31 मार्च 2016 तक हमने अपने लक्ष्य से दोगुना से भी अधिक जुर्माना वसूला है। 96 लाख लक्ष्य के सापेक्ष 202.99 लाख जुर्माना वसूला गया। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से हर एआरटीओ को मासिक आठ लाख रुपये का लक्ष्य दिया गया है।
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वहीं उन्होंने बताया कि 110 वाहन प्राइवेट नंबर लेकर टैक्सी का काम कर रहे थे। उन्हें सीज किया गया और 20 से 30 हजार रुपये हर वाहन से वसूला गया। इन प्राइवेट नंबर में 80 चौपहिया और 60 कृषि कार्य कर रहे ट्रैक्टर शामिल हैं।
पिछले साल ऐसे 60 प्राइवेट वाहनों को सीज किया गया। वाहन में सीट के हिसाब से ऐसे वाहनों पर जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे मामलों में कम से कम 20 और अधिक से अधिक 30 हजार जुर्माना वसूला जाता है।