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Champawat News: एक डाॅक्टर के भरोसे चल रहा पाटी अस्पताल
Mon, 25 Aug 2025 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 25 Aug 2025 10:55 PM IST
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पाटी (चंपावत)। मुख्यालय के सबसे बड़े अस्पताल में एक डाॅक्टर के भरोसे मरीजों का इलाज चल रहा है। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में कोई अच्छी सुविधा नहीं है और डाॅक्टरों की भी कमी है।
अस्पताल में एक ही डाॅक्टर के होने से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। मुख्यालय का एकमात्र अस्पताल होने से यहां पर 50 से 60 किमी दूर रीठा साहिब, भिंगराड़ा, कनाकोट, गागर, रीठाखाल, वालिक, देवीधुरा और आसपास के गांवों से प्रतिदिन 60 से 70 मरीज ओपीडी में अपना इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में एकमात्र डाॅ. ज्योति पोखरिया और फार्मासिस्ट प्रकाश कठायत ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक अपनी सेवा दे रहे हैं। अस्थायी व्यवस्था के रूप में एक अन्य डाॅक्टर की ड्यूटी लगाई गई है।
पूर्व में अस्पताल में चार डाॅक्टर थे। इसमें तीन का बांड खत्म होने से एक चिकित्सक रह गया है। दूर दराज से आए रेखा देवी, नवीन गिरी, नीमा, भावना देवी, रेवती देवी, कविता, बची सिंह, चतुर सिंह मेहता, रेनू आदि मरीजों ने बताया कि इलाज के घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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शासन से चिकित्सकों की मांग की गई है। अस्थायी तौर पर अस्पताल में चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ
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अस्पताल में एक ही डाॅक्टर के होने से ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक मरीजों को अपनी बारी के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। मुख्यालय का एकमात्र अस्पताल होने से यहां पर 50 से 60 किमी दूर रीठा साहिब, भिंगराड़ा, कनाकोट, गागर, रीठाखाल, वालिक, देवीधुरा और आसपास के गांवों से प्रतिदिन 60 से 70 मरीज ओपीडी में अपना इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में एकमात्र डाॅ. ज्योति पोखरिया और फार्मासिस्ट प्रकाश कठायत ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक अपनी सेवा दे रहे हैं। अस्थायी व्यवस्था के रूप में एक अन्य डाॅक्टर की ड्यूटी लगाई गई है।
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पूर्व में अस्पताल में चार डाॅक्टर थे। इसमें तीन का बांड खत्म होने से एक चिकित्सक रह गया है। दूर दराज से आए रेखा देवी, नवीन गिरी, नीमा, भावना देवी, रेवती देवी, कविता, बची सिंह, चतुर सिंह मेहता, रेनू आदि मरीजों ने बताया कि इलाज के घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
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शासन से चिकित्सकों की मांग की गई है। अस्थायी तौर पर अस्पताल में चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई है। डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ