लोहाघाट (चंपावत)। पांच गांव सुंई और बीस गांव बिशुंग का आषाड़ी वायुरथ महोत्सव संपन्न हो गया है। इस दौरान भगवती मंदिर के पुजारियों की अदला बदली की गई। सोमवार की देर रात देवडांगर 20 गांव बिशुंग और पांच गांव सुंई की परिक्रमा करने के बाद आदित्य महादेव मंदिर पहुंचे। इस दौरान पूजा-अर्चना प्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन किया गया। मंदिर के पुजारी दिनेश चंद्र चौबे ने नवनियुक्त पुजारी कैलाश चौबे को एक वर्ष के लिए मंदिर का कार्यभार सौंपा।
महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, सचिन जोशी ने बताया कि प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा को भगवती मंदिर के पुजारी की अदला बदली होती है। सुंई बिशुंग गांव के मां भगवती, मां कड़ाई देवी, मस्टा मंडाली, आदित्य महादेव मंदिर (चारद्योली) में पूजा कराने वाले पुजारी कड़े नियमों का पालन कर एक वर्ष के लिए संन्यासी का जीवन बिताते हैं। पुजारी को पूरे साल मंदिर को नहीं छोड़ना पड़ता है, और वह अपने घर भी नहीं जाते हैं। एक वर्ष तक नंगे पांव पूजा, अर्चना करती होती है। पुजारी मंदिर के पास बने कक्ष में रहकर स्वयं का बनाया सात्विक भोजन करते हैं। इस मौके पर ग्राम प्रधान भुवन चौबे, सुनील चौबे, केशव दत्त चौबे, पुजारी मदन पुजारी, दिनेश चौबे, दीवान सिंह ढेक, दीवान बिष्ट, नवीन चौबे, सुंदर सिंह माहरा आदि रहे।