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Champawat News: फौजदारी वाद में दोषी को तीन साल की सजा
Tue, 20 Aug 2024 10:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 20 Aug 2024 10:47 PM IST
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चंपावत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने फौजदारी वाद में दोषी को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता की अदालत ने आरोपी जमन सिंह को धारा 325 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी करार देते हुए तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि धारा 504 भारतीय दंड संहिता के तहत छह माह का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने अदा न करने पर दोषी को 60 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जबकि भारतीय दंड संहिता की धारा 506 में आरोपी को दोषमुक्त किया है। वर्ष 2020 में दोषी ने वादी पर धारदार हथियार से हमला किया था। इसके बाद वादी की तहरीर के आधार पर थाना पाटी में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया। संवाद
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फौजदारी वाद में आरोपी दोषमुक्त
चंपावत। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहां आरा अंसारी के अदालत ने फौजदारी वाद में आरोपी को दोषमुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338, 304 (क) में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी गोविंद चंद दोषमुक्त किया है। वर्ष 2017 में आरोपी कैंटर चालक पर लापरवाही के कारण वाहन चलाकर मोटर साइकिल चालक को टक्कर मारने का आरोप था। उसके खिलाफ वादी ने लोहाघाट थाने में मामला दर्ज कराया था। संवाद
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निहारिका मित्तल गुप्ता की अदालत ने आरोपी जमन सिंह को धारा 325 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी करार देते हुए तीन साल के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि धारा 504 भारतीय दंड संहिता के तहत छह माह का साधारण कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने अदा न करने पर दोषी को 60 दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। जबकि भारतीय दंड संहिता की धारा 506 में आरोपी को दोषमुक्त किया है। वर्ष 2020 में दोषी ने वादी पर धारदार हथियार से हमला किया था। इसके बाद वादी की तहरीर के आधार पर थाना पाटी में पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया। संवाद
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फौजदारी वाद में आरोपी दोषमुक्त
चंपावत। न्यायिक मजिस्ट्रेट जहां आरा अंसारी के अदालत ने फौजदारी वाद में आरोपी को दोषमुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 337, 338, 304 (क) में संदेह का लाभ देते हुए आरोपी गोविंद चंद दोषमुक्त किया है। वर्ष 2017 में आरोपी कैंटर चालक पर लापरवाही के कारण वाहन चलाकर मोटर साइकिल चालक को टक्कर मारने का आरोप था। उसके खिलाफ वादी ने लोहाघाट थाने में मामला दर्ज कराया था। संवाद
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