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Champawat News: टनकपुर कॉलेज में प्राध्यापक नहीं, कैसें करेंगे बच्चे पढ़ाई

Wed, 07 Aug 2024 12:48 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Wed, 07 Aug 2024 12:48 AM IST
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There is no professor in Tanakpur College, how will children study?
टनकपुर महाविद्यालय।
टनकपुर (चंपावत)। उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उच्च शिक्षा के लिए 2004 में स्थापित महाविद्यालय में 20 वर्ष बाद भी शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। यहां न तो पर्याप्त विषय है और न ही पर्याप्त शिक्षक। अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान में एक भी प्राध्यापक नहीं है। कॉलेज में उच्च शिक्षा के बेहतर भविष्य का सपना लेकर प्रवेश लेने वाले युवा शिक्षा व्यवस्था की कमियों के कारण खुद को ठगा महसूस करते हैं।
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जिले के मैदानी क्षेत्र का यह पहला महाविद्यालय 11 वर्ष तक पुराने जीजीआईसी भवन में चला। 2015 में महाविद्यालय का अपना भवन बना। विज्ञान संकाय का अपना भवन नहीं है। संकाय का भवन वर्तमान में निर्माणाधीन है। प्रवेश सत्र के अब तक करीब 750 छात्र- छात्राएं महाविद्यालय में प्रवेश ले चुके हैं। अंग्रेजी में तीन, अर्थशास्त्र, भौतिक विज्ञान और वाणिज्य संकाय में प्राध्यापक के एक-एक पद रिक्त हैं। भूगोल विषय के प्रवक्ता को काशीपुर महाविद्यालय में अटैच कर दिया है। इन विषयों के प्राध्यापक नहीं होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
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महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर कला संकाय में अंग्रेजी, हिंदी, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, भूगोल, शिक्षा शास्त्र, विज्ञान संकाय में रसायन, भौतिक, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, गणित विषय संचालित हो रहे हैं। स्नातकोत्तर में अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र, हिंदी, भूगोल के विषय पढ़ने के लिए हैं। प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुमन कुमारी ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए निदेशालय से पत्राचार किया गया है। इसके अलावा अन्य विषयों के संचालन को लेकर भी आग्रह किया गया है।
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स्नातक के बाद बाहर की दौड़
टनकपुर। स्नातकोत्तर स्तर पर विषय नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को बाहर की दौड़ लगानी पड़ती है। स्नातकोत्तर में वाणिज्य, एमएससी नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई करना सबके लिए आसान नहीं होता है। एमए तो है लेकिन अन्य विषयों के विकल्प नहीं होने के कारण पढ़ना आसान नहीं है।
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