महापुरुषों की सेवा से होगी मोक्ष की प्राप्ति
श्रीराम धाम छतार में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन जारी है। शनिवार की सुबह ब्राह्मणों ने मंडप पूजन करने के साथ ही रुद्राष्ठाध्यायी पाठ किया। व्यास संत सीतारमण दास ने श्रद्धालुओं को भागवत पुराण के चतुर्थ अध्याय की कथा सुनाई। प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुषों की सेवा करना तथा उनके बताए मार्ग पर चलने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस मौके पर पिथौरागढ़ मुक्तेश्वर धाम से आए महंत योगेश जी महाराज ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में मुख्य यजमान जीवन बिष्ट, कैलाश उप्रेती, लोकमणी पंत, ललित मोहन बोहरा, रमेश उप्रेती, नवीन पंत, कमलाकांत जोशी आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में श्री राम संस्कृत विद्यालय रानीखेत के बच्चों ने तारादत्त भट्ट के नेतृत्व में भोजन व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
कंस ने देवकी वसुदेव को कारागार में डाला
लोहाघाट (चंपावत)। खरही गांव में चल रही श्रीकृष्ण लीला में अपने वायदे के अनुसार वसुदेव देवकी के जन्मे पहले पुत्र को कंस के पास ले गए। जैसे ही कंस नवजात को मारने लगा, राजमंत्री ने उसे रोकते हुए कहा कि आकाशवाणी में आठवें बच्चे से आपको खतरा बताया है, पहले उसने बच्चे को छोड़ दिया। बाद में नारद कंस को यह समझाते हैं कि देवकी का कोई भी पुत्र आठवां हो सकता है। तब कंस ने बच्चे का वध कर देवकी वसुदेव को फिर से कारागार में डालकर उग्रसेन को बंदी बनाया तथा स्वयं राजा बन गया। यहां कंस का नवीन कोटिया, उग्रसेन का दुर्गा नाथ, देवकी का महेंद्र सिंह, नारद का नवीन बोहरा, वसुदेव का देवकी नंदन, मंत्री का दीपक शर्मा ने शानदार अभिनय किया। आयोजन समिति की ओर से मुख्य संयोजक प्रकाश शर्मा, अध्यक्ष तुलसी प्रसाद शर्मा ने सभी का स्वागत किया। इस आयोजन में दिवान सिंह, रमेश शर्मा, अशोक भट्ट, श्याम सिंह, उमापति, देव सिंह, केएन शर्मा आदि सहयोग कर रहे हैं।