{"_id":"6515b5bed2eec0e2a006e6c6","slug":"the-leopard-ran-towards-the-hill-as-soon-as-it-took-the-dose-of-unconsciousness-tanakpur-news-c-243-1-tnp1001-1142-2023-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: बेहोशी की डोज लगते ही पहाड़ी की ओर भागा तेंदुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: बेहोशी की डोज लगते ही पहाड़ी की ओर भागा तेंदुआ
Thu, 28 Sep 2023 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 28 Sep 2023 10:49 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग पर आ रहा हमलावर तेंदुआ बुधवार शाम ट्रेंकुलाइजर गन के निशाने पर आ गया लेकिन बेहोशी की एक डोज लगने के बावजूद वह पहाड़ी की ओर भाग गया। दो दिन तक खोजने के बावजूद तेंदुआ नहीं मिल सका। उसके सामान्य स्थिति में आकर भागने की आशंका है।
राजमार्ग पर आठवें मील के आसपास हमलावर तेंदुआ ढाई माह में दोपहिया वाहन पर सवार 13 लोगों को घायल कर चुका है। अब 25 सितंबर की शाम स्कूटी सवार पर हमले के बाद वन विभाग ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ने की कवायद शुरू की है।
बूम के रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े सात बजे आठवें मील और अमरू बैंड के बीच टीम ने बंदूक से तेंदुए को बेहोशी की एक डोज दी। इसके बावजूद वह भाग गया।
विज्ञापन
इनसेट
डोज लगने के बाद एक घंटे तक रहता है बेहोशी का असर
हमलावर तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने के लिए नैनीताल जू की ट्रेंकुलाइजर टीम आई है। इसमें शामिल डॉ. हिमांशु पांगती और डॉ. भरत ने बताया कि डोज लगने के 25 मिनट बाद तेंदुआ 35 मिनट तक बेहोश रहता है। डोज लगने के बाद वह दस मिनट तक चल सकता है लेकिन वह हमला करने की स्थिति में नहीं रहता।
विज्ञापन
राजमार्ग पर आठवें मील के आसपास हमलावर तेंदुआ ढाई माह में दोपहिया वाहन पर सवार 13 लोगों को घायल कर चुका है। अब 25 सितंबर की शाम स्कूटी सवार पर हमले के बाद वन विभाग ने तेंदुए को ट्रेंकुलाइजर गन से बेहोश कर पकड़ने की कवायद शुरू की है।
विज्ञापन
बूम के रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि बुधवार शाम साढ़े सात बजे आठवें मील और अमरू बैंड के बीच टीम ने बंदूक से तेंदुए को बेहोशी की एक डोज दी। इसके बावजूद वह भाग गया।
विज्ञापन
इनसेट
डोज लगने के बाद एक घंटे तक रहता है बेहोशी का असर
हमलावर तेंदुए को बेहोश कर पकड़ने के लिए नैनीताल जू की ट्रेंकुलाइजर टीम आई है। इसमें शामिल डॉ. हिमांशु पांगती और डॉ. भरत ने बताया कि डोज लगने के 25 मिनट बाद तेंदुआ 35 मिनट तक बेहोश रहता है। डोज लगने के बाद वह दस मिनट तक चल सकता है लेकिन वह हमला करने की स्थिति में नहीं रहता।