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भागवत कथा को लेकर मंदिर समिति और बाबा मोहनानंद आमने-सामने
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लोहाघाट (चंपावत)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर नगर के प्रसिद्ध ऋषेश्वर मंदिर में भागवत कथा कराने के लिए मंदिर समिति और स्वामी मोहनानंद आमने सामने आ गए हैं। दोनों ही पक्षों ने कथा के आयोजन के लिए एसडीएम कार्यालय में अनुमति के लिए आवेदन किया है। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष को कथा के आयोजन की अनुमति नहीं मिली है।
ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति शिवालय मंदिर लोहाघाट के सचिव प्रकाश चंद्र राय की ओर से दिए गए आवेदन में ऋषेश्वर मंदिर में 13 से 20 अगस्त तक होने वाली भागवत कथा में लाउडस्पीकर का प्रयोग करने की अनुमति मांगी है। वहीं एमके तिवारी उर्फ स्वामी मोहनानंद ने भी पुलिस और एसडीएम को पत्र देकर 12 अगस्त से ऋषेश्वर मंदिर में कथा के दौरान लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगी है।
एसडीएम रिंकू बिष्ट का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से एक ही समय में एक ही स्थल पर कथा के लिए आवेदन किया गया है। दोनों पक्षों को समझाकर मिलजुल कर कथा का आयोजन करने की सलाह दी गई है। दोनों पक्षों में सहमति न बनने पर उन्हें जिला न्यायालय से अनुमति लाने के लिए कहा है। कहा कि किसी भी दशा में कानून व्यवस्था को बाधित नहीं करने दिया जाएगा। मालूम हो कि ऋषेश्वर मंदिर धर्मशाला निर्माण में स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। जो न्यायालय में विचाराधीन है।
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ऋषेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति शिवालय मंदिर लोहाघाट के सचिव प्रकाश चंद्र राय की ओर से दिए गए आवेदन में ऋषेश्वर मंदिर में 13 से 20 अगस्त तक होने वाली भागवत कथा में लाउडस्पीकर का प्रयोग करने की अनुमति मांगी है। वहीं एमके तिवारी उर्फ स्वामी मोहनानंद ने भी पुलिस और एसडीएम को पत्र देकर 12 अगस्त से ऋषेश्वर मंदिर में कथा के दौरान लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगी है।
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एसडीएम रिंकू बिष्ट का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से एक ही समय में एक ही स्थल पर कथा के लिए आवेदन किया गया है। दोनों पक्षों को समझाकर मिलजुल कर कथा का आयोजन करने की सलाह दी गई है। दोनों पक्षों में सहमति न बनने पर उन्हें जिला न्यायालय से अनुमति लाने के लिए कहा है। कहा कि किसी भी दशा में कानून व्यवस्था को बाधित नहीं करने दिया जाएगा। मालूम हो कि ऋषेश्वर मंदिर धर्मशाला निर्माण में स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। जो न्यायालय में विचाराधीन है।
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