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ऑनलाइन सिस्टम से जुड़ेगा टनकपुर का लीसा डिपो
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कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक पीके पात्रो ने कहा कि टनकपुर लीसा डिपो को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जाएगा ताकि डिपो पर मुख्यालय देहरादून सहित अन्य अधिकारियों के कार्यालयों से भी निगरानी रखी जा सकेगी। चंपावत डिवीजन के मुआयने के लिए आए संरक्षक ने प्रभागीय वनाधिकारी आरसी कांडपाल को कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। कुमाऊं का 60 प्रतिशत से अधिक लीसा टनकपुर के डिपो में संग्रहीत होता है।
संरक्षक पात्रो ने लीसा डिपो के अलावा मानेश्वर पार्क को संवारने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने खूनाबोरा में 2018-19 के क्षत्रिपूरक पौधरोपण का शुभारंभ किया। इससे पहले चंपावत वन प्रभाग का भी निरीक्षण किया। पात्रो ने च्यूरा के पौधरोपण को बढ़ावा देने के साथ पौधशालाओं के विस्तार की हिदायत दी। पात्रो ने वन अनापत्ति के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए माह में एक दिन संबंधित विभाग से बैठक कर मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी बीएम टम्टा, लोहाघाट के रेंजर दीप जोशी आदि मौजूद थे।
वनों को बचाकर बढ़ाएंगे रोजगार और पर्यटन
चंपावत। कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक (पीसीसी) पीके पात्रो ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कार्बेट ट्रेल को विकसित किया जाएगा। इसे शुरू करने से पूर्व दो माह के भीतर वे कार्बेट ट्रेल का खुद भी निरीक्षण करेंगे।
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शनिवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वन और विकास को विरोधी मानने के बजाय दोनों को एक-दूसरे का पूरक मानते हुए विभाग काम कर रहा है। वनों के जरिये रोजगार और पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। तकनीक (जीपीएस, ड्रोन, उपग्रह, मोबाइल) और जन सहभागिता से वनों को बचाया जाएगा। इसके लिए विभाग प्रणाली विकसित कर रहा है।
वर्ष 2003 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी पात्रो ने कहा कि मानव और वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाया जाना जरूरी है। इसके लिए कुमाऊं के सभी प्रभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टाफ की कमी दूर करने के साथ ही जरूरी उपकरणों की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है। संरक्षक ने कहा कि चंपावत के डीएफओ आरसी कांडपाल ने वन अनापत्ति के निस्तारण में तेजी के लिए डिवीजन स्तर पर जीआईएस (भौगोलिक सूचना तंत्र) तैयार किया है। इस प्रणाली को अन्य वन प्रभागों में भी लागू कराया जाएगा।
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संरक्षक पात्रो ने लीसा डिपो के अलावा मानेश्वर पार्क को संवारने के निर्देश दिए। बाद में उन्होंने खूनाबोरा में 2018-19 के क्षत्रिपूरक पौधरोपण का शुभारंभ किया। इससे पहले चंपावत वन प्रभाग का भी निरीक्षण किया। पात्रो ने च्यूरा के पौधरोपण को बढ़ावा देने के साथ पौधशालाओं के विस्तार की हिदायत दी। पात्रो ने वन अनापत्ति के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए माह में एक दिन संबंधित विभाग से बैठक कर मार्गदर्शन करने के निर्देश दिए। इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी बीएम टम्टा, लोहाघाट के रेंजर दीप जोशी आदि मौजूद थे।
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वनों को बचाकर बढ़ाएंगे रोजगार और पर्यटन
चंपावत। कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक (पीसीसी) पीके पात्रो ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कार्बेट ट्रेल को विकसित किया जाएगा। इसे शुरू करने से पूर्व दो माह के भीतर वे कार्बेट ट्रेल का खुद भी निरीक्षण करेंगे।
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शनिवार को पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वन और विकास को विरोधी मानने के बजाय दोनों को एक-दूसरे का पूरक मानते हुए विभाग काम कर रहा है। वनों के जरिये रोजगार और पर्यटन को प्रोत्साहित किया जाएगा। तकनीक (जीपीएस, ड्रोन, उपग्रह, मोबाइल) और जन सहभागिता से वनों को बचाया जाएगा। इसके लिए विभाग प्रणाली विकसित कर रहा है।
वर्ष 2003 बैच के भारतीय वन सेवा के अधिकारी पात्रो ने कहा कि मानव और वन्य जीव संघर्ष की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाया जाना जरूरी है। इसके लिए कुमाऊं के सभी प्रभागों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। स्टाफ की कमी दूर करने के साथ ही जरूरी उपकरणों की उपलब्धता पर काम किया जा रहा है। संरक्षक ने कहा कि चंपावत के डीएफओ आरसी कांडपाल ने वन अनापत्ति के निस्तारण में तेजी के लिए डिवीजन स्तर पर जीआईएस (भौगोलिक सूचना तंत्र) तैयार किया है। इस प्रणाली को अन्य वन प्रभागों में भी लागू कराया जाएगा।