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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Tanakpur- Bageshwar railway line work is not completed

टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन निर्माण अधर में लटका

Tue, 02 Apr 2019 10:20 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन सतीश जोशी ‘सत्तू’ चंपावत।
सतीश जोशी ‘सत्तू’ चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Tue, 02 Apr 2019 10:20 PM IST
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Tanakpur- Bageshwar railway line work is not completed
चंपावत जिले के सीमांत में महाकाली नदी के किनारे प्रस्तावित है टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन। - फोटो : प्रतीकात्मक

देश की आजादी से पूर्व ब्रिटिश हुकूमत में भले ही टनकपुर से बागेश्वर तक रेल लाइन बिछाने की कार्ययोजना तैयार करने के साथ उसमें काम भी शुरू किया गया हो लेकिन आजाद भारत में टनकपुर से बागेश्वर तक रेलवे लाइन बिछाने की कवायद तमाम प्रयासों के बाद भी सर्वे से आगे नहीं बढ़ पाई है। 

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अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट के तहत आने वाले चार पर्वतीय जिलों अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत के समग्र विकास के लिए जरूरी टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन का मुद्दा लोकसभा चुनाव में अहम बनता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दलों की ओर से टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के निर्माण को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया जाना यह बताता है कि दोनों ही दलों के लिए टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन चुनावी नजरिए से कितनी महत्वपूर्ण है।
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गौरतलब है कि वर्ष 2006 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने रेल बजट में टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के सर्वे के लिए बजट का प्रावधान किया था। तब हुए सर्वे के अनुसार महाकाली नदी के किनारे टनकपुर से बागेश्वर की दूरी 137 किमी पाई गई। उसके बाद वर्ष 2011 में यूपीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन को वरीयता देते हुए एक बार फिर से सर्वे कराया गया था लेकिन उसके बाद इस दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है।
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इस संबंध में केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा का कहना है कि प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना की कार्रवाई के गतिमान होने के चलते टनकपुर- बागेश्वर रेलवे लाइन का कार्य प्रतीक्षा में है। उनका कहना है कि संसदीय क्षेत्र के टनकपुर रेलवे स्टेशन को बड़ी रेलवे लाइन से जोड़ने के साथ ही दिल्ली और प्रयागराज आदि शहरों के लिए एक्सप्रेस रेल सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

पहाड़ के लोगों को भी मिले सस्ती परिवहन सेवा का लाभ
चंपावत। लंबे समय से रेलवे लाइन निर्माण को लेकर आंदोलन चला रहे टनकपुर-बागेश्वर रेलपथ निर्माण संघर्ष समिति अध्यक्ष गंगागिरि गोस्वामी का कहना है कि पहाड़ के लोगों को भी रेलवे की सस्ती परिवहन सेवा का लाभ मिलना चाहिए। उनका कहना है कि टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन से न सिर्फ पर्वतीय जिलों के विकास को नया आयाम मिलेगा बल्कि सामरिक दृष्टि से भी देश की सेनाओं को लाभ मिलेगा।


टनकपुर-जौलजीबी रेलवे लाइन भी हाशिए में 
चंपावत। टनकपुर-बागेश्वर रेलवे लाइन के अलावा प्रस्तावित टनकपुर-जौलजीबी रेलवे लाइन का निर्माण भी हाशिए में लटका हुआ है। इस प्रस्तावित रेलवे लाइन के निर्माण से टनकपुर से जौलजीबी की 250 किमी की दूरी महज 110 किलोमीटर ही रह जाएगी। रेलपथ निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष के अनुसार टनकपुर और जौलजीबी रेलवे लाइन के निर्माण को लेकर लगातार संघर्ष किया जाएगा। 

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