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Champawat News: प्राथमिक विद्यालय कूंण के जर्जर भवन में खतरे के बीच पढ़ाई
Sat, 23 Aug 2025 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 23 Aug 2025 10:51 PM IST
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राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूंण में फर्श पर बैठकर पढ़ते बच्च। स्रोत : अभिभाव
पाटी (चंपावत)। विकासखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूंण का भवन जर्जर हाल में है। 46 साल पुराने इस विद्यालय की दीवारें जवाब देने लगी हैं। दरारें साफ नजर आ रही हैं।
विद्यालय की स्थापना वर्ष 1979 और भवनों का निर्माण 1984 में हुआ था। तब से देखरेख के अभाव में विद्यालय का भवन जर्जर होता जा रहा है। दीवार और छत से प्लास्टर गिरने से सरिया दिखाई दे रही हैं। भवन की खिड़की, दरवाजे और फर्श पूरी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बारिश में छतों और दीवारों से पानी टपक रहा है। भवन की छत भी कमजोर हो चुकी है।
इस स्कूल में छह बच्चे अध्ययनरत हैं। बारिश होने पर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में डरते हैं। वहीं बच्चों के लिए बनाया गया शौचालय भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। विद्यालय में आंगनबाड़ी भी स्थित है। उसके कक्षा कक्ष की स्थिति भी बदहाल है। इसकी दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। इस आंगनबाड़ी केंद्र में 11 बच्चे जोखिम में पढ़ाई कर रहे हैं।
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कोट
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूंण का भवन लंबे समय से जर्जर हाल में है। भवन के खिड़की दरवाजे और फर्श टूट गए हैं। बारिश होने पर छतों से पानी टपकता है। विद्यालय भवन की दीवारें भी कमजोर होने लगी हैं। - ममता रावत, शिक्षिका
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1984 में बने विद्यालय भवन जर्जर हो गया है। बारिश होने पर बच्चों को विद्यालय भेजने में भय बना रहता है। विद्यालय परिसर में बना शौचालय भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। - संदीप सिंह, अभिभावक
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विद्यालय के जर्जर भवनों के निर्माण और सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - भारत जोशी, खंड शिक्षा अधिकारी, पाटी
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विद्यालय की स्थापना वर्ष 1979 और भवनों का निर्माण 1984 में हुआ था। तब से देखरेख के अभाव में विद्यालय का भवन जर्जर होता जा रहा है। दीवार और छत से प्लास्टर गिरने से सरिया दिखाई दे रही हैं। भवन की खिड़की, दरवाजे और फर्श पूरी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। बारिश में छतों और दीवारों से पानी टपक रहा है। भवन की छत भी कमजोर हो चुकी है।
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इस स्कूल में छह बच्चे अध्ययनरत हैं। बारिश होने पर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में डरते हैं। वहीं बच्चों के लिए बनाया गया शौचालय भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। विद्यालय में आंगनबाड़ी भी स्थित है। उसके कक्षा कक्ष की स्थिति भी बदहाल है। इसकी दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। इस आंगनबाड़ी केंद्र में 11 बच्चे जोखिम में पढ़ाई कर रहे हैं।
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कोट
राजकीय प्राथमिक विद्यालय कूंण का भवन लंबे समय से जर्जर हाल में है। भवन के खिड़की दरवाजे और फर्श टूट गए हैं। बारिश होने पर छतों से पानी टपकता है। विद्यालय भवन की दीवारें भी कमजोर होने लगी हैं। - ममता रावत, शिक्षिका
1984 में बने विद्यालय भवन जर्जर हो गया है। बारिश होने पर बच्चों को विद्यालय भेजने में भय बना रहता है। विद्यालय परिसर में बना शौचालय भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। - संदीप सिंह, अभिभावक
विद्यालय के जर्जर भवनों के निर्माण और सुधारीकरण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजे गए हैं। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - भारत जोशी, खंड शिक्षा अधिकारी, पाटी