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Champawat News: एसएसबी जवानों को अब नहीं खलेगी नेटवर्क की कमी
Wed, 22 May 2024 10:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 22 May 2024 10:34 PM IST
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चंपावत। सीमा की सुरक्षा में लगे सशस्त्र सीमा बल के जवानों को अब मोबाइल नेटवर्क की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। बीएसएनएल की ओर से सीमांत में एसएसबी की 18 बॉर्डर आउट पोस्टों में से छह स्थान पर मोबाइल टावरों का निर्माण युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। अब तक एसएसबी के 18 बॉर्डर आउट पोस्ट में से केवल चार में ही मोबाइल नेटवर्क की सुविधा थी। मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलने से एसएसबी के साथ ही सीमा क्षेत्र के ग्रामीणों को भी संचार सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
एसएसबी की पंचम वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह के अनुसार ठूलीगाढ, श्रीकुंड, कलढूंगा, बियूरी, सीम और चूका बॉर्डर आउट पोस्टों में मोबाइल टावर का निर्माण पूरा कर दिया गया है। अब इन टावरों को बिजली के संयोजन से जोड़े जाने की कवायद चल रही है। बताया कि जिन स्थानों पर बिजली की सुविधा नहीं है वहां टावरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। जिले के नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश, गुमदेश, तल्लपाल, पूर्णागिरि धाम आदि क्षेत्रों के 70 से अधिक गांवों में या तो मोबाइल नेटवर्क नहीं हैं या सिग्नल कमजोर हैं। इनमें से कई इलाकों में पड़ोसी देश नेपाल के नेटवर्क से फोन घनघनाते हैं। नेटवर्क की दिक्कत से इन गांवों में न केवल सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) चलाना मुश्किल हो रहा है, बल्कि बैंकिंग सेवा पाने के लिए भी काफी वक्त बर्बाद होता है। संवाद
बाक्स
इन स्थानों पर निर्माणाधीन हैं मोबाइल टावर:
चंपावत। जिले के बुड़म, ककनई, मथियाबांज, खटोली तल्ली, चांचड़ी, पिल्खीचमार, बगौटी, गोलडांडा, साल, पिनाना, बरकुम, गुरखोली, हरम, बड़ोली, सल्ली, नदेड़ा, लड़ाबोरा, करौली, उदाली, डनगांव, लफड़ा, तल्ला कफल्टा, उपराकोट, कानाकोट, नरसिंहडांडा और बकोड़ा आदि स्थानों में मोबाइल टावर निर्माणाधीन हैं। संवाद
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कोट
चंपावत जिले में संचार सुविधा को बेहतर करने के लिए 26 नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। इनमें से 12 मोबाइल टावरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। शेष स्थानों पर कार्य जारी है। एसएसबी की छह बार्डर आउट पोस्टों में मोबाइल टावर स्थापित हो चुके हैं। जून तक सभी सिविल कार्य पूर्ण कर लोगों को संचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। - संजीव कन्नौजिया, अवर अभियंता दूरसंरचार, चंपावत।
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एसएसबी की पंचम वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार सिंह के अनुसार ठूलीगाढ, श्रीकुंड, कलढूंगा, बियूरी, सीम और चूका बॉर्डर आउट पोस्टों में मोबाइल टावर का निर्माण पूरा कर दिया गया है। अब इन टावरों को बिजली के संयोजन से जोड़े जाने की कवायद चल रही है। बताया कि जिन स्थानों पर बिजली की सुविधा नहीं है वहां टावरों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। जिले के नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश, गुमदेश, तल्लपाल, पूर्णागिरि धाम आदि क्षेत्रों के 70 से अधिक गांवों में या तो मोबाइल नेटवर्क नहीं हैं या सिग्नल कमजोर हैं। इनमें से कई इलाकों में पड़ोसी देश नेपाल के नेटवर्क से फोन घनघनाते हैं। नेटवर्क की दिक्कत से इन गांवों में न केवल सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) चलाना मुश्किल हो रहा है, बल्कि बैंकिंग सेवा पाने के लिए भी काफी वक्त बर्बाद होता है। संवाद
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इन स्थानों पर निर्माणाधीन हैं मोबाइल टावर:
चंपावत। जिले के बुड़म, ककनई, मथियाबांज, खटोली तल्ली, चांचड़ी, पिल्खीचमार, बगौटी, गोलडांडा, साल, पिनाना, बरकुम, गुरखोली, हरम, बड़ोली, सल्ली, नदेड़ा, लड़ाबोरा, करौली, उदाली, डनगांव, लफड़ा, तल्ला कफल्टा, उपराकोट, कानाकोट, नरसिंहडांडा और बकोड़ा आदि स्थानों में मोबाइल टावर निर्माणाधीन हैं। संवाद
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चंपावत जिले में संचार सुविधा को बेहतर करने के लिए 26 नए मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं। इनमें से 12 मोबाइल टावरों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। शेष स्थानों पर कार्य जारी है। एसएसबी की छह बार्डर आउट पोस्टों में मोबाइल टावर स्थापित हो चुके हैं। जून तक सभी सिविल कार्य पूर्ण कर लोगों को संचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। - संजीव कन्नौजिया, अवर अभियंता दूरसंरचार, चंपावत।