{"_id":"64b448c26734013eb503ca16","slug":"shahaut-plantation-in-champawat-champawat-news-c-229-1-shld1009-537-2023-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: चंपावत जिले में होगा शहतूत का पौधरोपण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: चंपावत जिले में होगा शहतूत का पौधरोपण
Mon, 17 Jul 2023 01:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 17 Jul 2023 01:16 AM IST
विज्ञापन
चंपावत। जिले में पहली बार रेशम की खेती की जाएगी। इसके लिए हरेला पर्व से शहतूत के पौधे लगाए जाएंगे। सोमवार को चार गांवों में पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे। रेशम की खेती के जरिये किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा। उत्पादित रेशम स्वयं विभाग खरीदेगा।
जिले में रेशम की खेती के लिए 2023-24 की जिला योजना में पहली बार 8,50,000 रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुकूल जलवायु वाली जगह में रेशम की खेती को बढ़ावा देने के लिए 125 किसानों का चयन कर लिया गया है। शहतूत की पत्तियां रेशम के कीटों का प्रमुख भोजन है। पहले चरण में शहतूत के 37,500 पौधे लगाए जाएंगे। रेशम पालन विभाग के प्रभारी अधिकारी जीवन चंद्र खर्कवाल ने बताया कि जिले के दो ब्लॉक के चयनित चार गांवों में इन पौधों को लगाया जाएगा। सोमवार को पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे जबकि शेष पौधे अगले एक माह में लगा लिए जाएंगे। दो साल में शहतूत के पौधे का विकास होने के बाद कीटपालन शुरू कराया जाएगा।
हर किसान को मिलेंगे 300 पौधे
चंपावत। मौजूदा वित्त वर्ष में चंपावत ब्लॉक में चौड़ाख्याली और पाटी ब्लॉक में मछियाड़, टाक बलवाड़ी, सकदेना नामक चार गांवों से रेशम की खेती की शुरुआत की जा रही है। वहां चयनित 125 किसानों को प्रति किसान 300 पौधे दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में रेशम की खेती के लिए 2023-24 की जिला योजना में पहली बार 8,50,000 रुपये का प्रावधान किया गया है। अनुकूल जलवायु वाली जगह में रेशम की खेती को बढ़ावा देने के लिए 125 किसानों का चयन कर लिया गया है। शहतूत की पत्तियां रेशम के कीटों का प्रमुख भोजन है। पहले चरण में शहतूत के 37,500 पौधे लगाए जाएंगे। रेशम पालन विभाग के प्रभारी अधिकारी जीवन चंद्र खर्कवाल ने बताया कि जिले के दो ब्लॉक के चयनित चार गांवों में इन पौधों को लगाया जाएगा। सोमवार को पांच हजार पौधे लगाए जाएंगे जबकि शेष पौधे अगले एक माह में लगा लिए जाएंगे। दो साल में शहतूत के पौधे का विकास होने के बाद कीटपालन शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन
हर किसान को मिलेंगे 300 पौधे
चंपावत। मौजूदा वित्त वर्ष में चंपावत ब्लॉक में चौड़ाख्याली और पाटी ब्लॉक में मछियाड़, टाक बलवाड़ी, सकदेना नामक चार गांवों से रेशम की खेती की शुरुआत की जा रही है। वहां चयनित 125 किसानों को प्रति किसान 300 पौधे दिए जाएंगे।
विज्ञापन