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Champawat News: जीआईसी के छात्रावास निर्माण के लिए 534 लाख रुपये मंजूर
Sat, 29 Mar 2025 10:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 29 Mar 2025 10:44 PM IST
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चंपावत। मुख्यमंत्री घोषणा के तहत पीएमश्री जीआईसी चंपावत में एक आधुनिक छात्रावास निर्माण के लिए शासन ने 534 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इस छात्रावास के बनने से चंपावत के छात्र-छात्राओं को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।
जीआईसी में स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर (एसएएससीआई) के तहत राशि छात्रावास निर्माण के लिए आवंटित की गई है। शासन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यदायी संस्था निर्माण तय समय में पूरा करने के साथ ही गुणवत्ता मानकों के अनुरूप करेगी। जबकि सुरक्षा और तकनीकी मानकों का अनुपालन भवन निर्माण कार्य एनबीसी और उत्तराखंड भवन उपविधियों के अनुरूप किया जाएगा।
जीआईसी परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र और अग्नि सुरक्षा प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, निर्माण कार्य की तृतीय पक्ष गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
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इस निर्माण कार्य के लिए आवंटित धनराशि वित्तीय वर्ष 2024-25 में खर्च की जाएगी और 31 मार्च 2025 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र शासन को प्रस्तुत किया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार के पुनर्विनियोजन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जीआईसी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत छात्रावास निर्माण के लिए राशि जारी हो गई है। इस सुविधा से छात्र-छात्राओं को लाभ होगा।
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जीआईसी में स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल एक्सपेंडिचर (एसएएससीआई) के तहत राशि छात्रावास निर्माण के लिए आवंटित की गई है। शासन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि कार्यदायी संस्था निर्माण तय समय में पूरा करने के साथ ही गुणवत्ता मानकों के अनुरूप करेगी। जबकि सुरक्षा और तकनीकी मानकों का अनुपालन भवन निर्माण कार्य एनबीसी और उत्तराखंड भवन उपविधियों के अनुरूप किया जाएगा।
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जीआईसी परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र और अग्नि सुरक्षा प्रणाली भी स्थापित की जाएगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण, निर्माण कार्य की तृतीय पक्ष गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
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इस निर्माण कार्य के लिए आवंटित धनराशि वित्तीय वर्ष 2024-25 में खर्च की जाएगी और 31 मार्च 2025 तक उपयोगिता प्रमाणपत्र शासन को प्रस्तुत किया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसी भी प्रकार के पुनर्विनियोजन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जीआईसी के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत छात्रावास निर्माण के लिए राशि जारी हो गई है। इस सुविधा से छात्र-छात्राओं को लाभ होगा।