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आदि कैलाश यात्रा : चंपावत को वापसी का रूट बनाने की कवायद शुरू
Tue, 05 Sep 2023 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 05 Sep 2023 11:40 PM IST
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चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप अगले साल से चंपावत भी आदि कैलाश यात्रा की वापसी का रूट बनेगा। इसके लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम की ओर से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित तीनों पर्यटक आवास गृहों को सजाया और संवारा जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा चीन युद्ध से पहले 1962 तक चंपावत से गुजरती थी लेकिन 1981 में दोबारा शुरू हुई यात्रा चंपावत के बजाय अल्मोड़ा मार्ग से आगे बढ़ी। क्षेत्र के लोग लंबे समय से मानसरोवर यात्रा का मार्ग चंपावत से करने की मांग करते रहे। इस साल पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ मौके पर नौ मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदि कैलाश की वापसी का मार्ग चंपावत से भी करने का एलान किया था। इसके बाद कुमाऊं मंडल विकास निगम ने प्रक्रिया शुरू की। पर्यटक आवास गृहों की खराब स्थिति की वजह से इस साल मई में शुरू आदि कैलाश यात्रा का पथ चंपावत नहीं हो सका। अब 192.73 लाख रुपये से चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर के टीआरएच की मरम्मत की जा रही है।
ये होगा बदलाव
वर्ष 2023 तक कुमाऊं में यह यात्रा काठगोदाम से आदि कैलाश तक जाती थी। इस मार्ग पर जागेश्वर, पिथौरागढ़, धारचूला, गूंजी से नाभिढांग जाना होता है। बूंदी से पाताल भुवनेश्वर, चौकोड़ी, भीमताल होकर काठगोदाम वापसी होती है। वर्ष 2024 से वापसी का मार्ग बूंदी से पिथौरागढ़, लोहाघाट, चंपावत, टनकपुर होकर जाएगा।
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-2024 की आदि कैलाश यात्रा का वापसी का मार्ग चंपावत जिले से होगा। इसके लिए केएमवीएन के चंपावत जिले के तीन प्रमुख पर्यटक आवास गृहों को सजाया संवारा जा रहा है। -अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा चीन युद्ध से पहले 1962 तक चंपावत से गुजरती थी लेकिन 1981 में दोबारा शुरू हुई यात्रा चंपावत के बजाय अल्मोड़ा मार्ग से आगे बढ़ी। क्षेत्र के लोग लंबे समय से मानसरोवर यात्रा का मार्ग चंपावत से करने की मांग करते रहे। इस साल पूर्णागिरि मेले के शुभारंभ मौके पर नौ मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आदि कैलाश की वापसी का मार्ग चंपावत से भी करने का एलान किया था। इसके बाद कुमाऊं मंडल विकास निगम ने प्रक्रिया शुरू की। पर्यटक आवास गृहों की खराब स्थिति की वजह से इस साल मई में शुरू आदि कैलाश यात्रा का पथ चंपावत नहीं हो सका। अब 192.73 लाख रुपये से चंपावत, लोहाघाट और टनकपुर के टीआरएच की मरम्मत की जा रही है।
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ये होगा बदलाव
वर्ष 2023 तक कुमाऊं में यह यात्रा काठगोदाम से आदि कैलाश तक जाती थी। इस मार्ग पर जागेश्वर, पिथौरागढ़, धारचूला, गूंजी से नाभिढांग जाना होता है। बूंदी से पाताल भुवनेश्वर, चौकोड़ी, भीमताल होकर काठगोदाम वापसी होती है। वर्ष 2024 से वापसी का मार्ग बूंदी से पिथौरागढ़, लोहाघाट, चंपावत, टनकपुर होकर जाएगा।
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-2024 की आदि कैलाश यात्रा का वापसी का मार्ग चंपावत जिले से होगा। इसके लिए केएमवीएन के चंपावत जिले के तीन प्रमुख पर्यटक आवास गृहों को सजाया संवारा जा रहा है। -अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।