लोहाघाट (चंपावत)। ऋषेश्वर मंदिर गीता भवन आश्रम में कुछ लोगों की ओर से कब्जा करने के प्रयास किए जाने के विरोध में स्वामी मोहनानंद के शिष्य ऋषेश्वरानंद की ओर से मंदिर परिसर किया जा रहा आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। स्वामी के आंदोलन को समर्थन देने के लिए जूना अखाड़े, अग्नि अखाड़े और आह्वान अखाड़े हरिद्वार से साधु संत लोहाघाट पहुंच गए हैं। ऋषेश्वरानंद ने कहा कि न्याय न मिलने उनका अनशन जारी रहेगा।
स्वामी मोहनानंद का कहना है कि 13 वर्ष पूर्व गीता भवन आश्रम को स्वामी हीरानंद ने उन्हें सौंपा गया था। तब से वह लगातार यहां निवास कर रहे हैं। समिति ने गीता भवन के जीर्णोद्धार के नाम पर तोड़कर उसकी जीर्णोद्धार किया जा रहा है। अब षडयंत्र के तहत वर्षों पुराने गीता भवन का नाम बदला जा रहा है। जिसका संत समाज की ओर से पुरजोर विरोध किया जाएगा। स्वामी ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके आश्रम का बिजली का कनेक्शन उखाड़ दिया है, हाइवे पर चेन डालकर उनके वाहन को मंदिर परिसर में आने से रोका गया है, मंदिर परिसर में खड़े हरे देवदार वृक्षों को काटा गया है। इधर नायब तहसीलदार विजय गोस्वामी का कहना है कि अनशन में बैठे स्वामी ऋषेश्वरानंद का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है तथा उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। इधर समिति के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह मेहता ने बाबा की ओर से लगाए जा रहे सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। मेहता का कहना है कि बाबा मंदिर परिसर में जहां पूर्व में थे वहीं आज भी बैठे हैं। उन्हें हटाने की तो कहीं बात ही नहीं है। धर्मशाला कई दशक पूर्व 12 गांवों सहित क्षेत्रीय लोगों के आपसी सहयोग से बनी है। जिसका समिति के लोगों के सहयोग से जीर्णोद्धार किया गया है।