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पशुओं को लावारिस छोड़ने का विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Wed, 03 Aug 2016 10:29 PM IST
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पशुओं को लावारिस छोड़ने का विरोध
- फोटो : अमर उजाला
जानवरों को लावारिस छोड़ने के विरोध में महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल ने पालिकाध्यक्ष से मुलाकात की।
महिलाओं का कहना है कि मांदली, बालेश्वर, तल्लीहाट, मल्लीहाट सहित कई जगह लावारिस जानवर लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं।
खेतों में घुसकर फसल को भी चौपट कर रहे हैं। मुन्नी, चंपा, कमला, आशा, भावना आदि ने आरोप लगाया कि पहले भी महिलाओं ने पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों के नाम बताए थे लेकिन उसके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, चेयरमैन प्रकाश तिवारी ने कोतवाल से बात करने और लावारिस जानवरों निजात दिलाने का आश्वासन दिया।
बता दें कि पिछले महीने जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में आवारा पशुओं को शहर में छोडने वालों के लिए कू्ररता अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
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महिलाओं का कहना है कि मांदली, बालेश्वर, तल्लीहाट, मल्लीहाट सहित कई जगह लावारिस जानवर लोगों के लिए मुसीबत बन रहे हैं।
खेतों में घुसकर फसल को भी चौपट कर रहे हैं। मुन्नी, चंपा, कमला, आशा, भावना आदि ने आरोप लगाया कि पहले भी महिलाओं ने पशुओं को लावारिस छोड़ने वालों के नाम बताए थे लेकिन उसके खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, चेयरमैन प्रकाश तिवारी ने कोतवाल से बात करने और लावारिस जानवरों निजात दिलाने का आश्वासन दिया।
बता दें कि पिछले महीने जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक में आवारा पशुओं को शहर में छोडने वालों के लिए कू्ररता अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करने की बात कही गई थी।
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