फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Private Vehicle

स्कूली बच्चों को ढो रहे प्राईवेट वाहन हुए खड़े, बच्चे-अभिभावक परेशान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2019 10:57 PM IST
विज्ञापन
Private Vehicle
राजेश राय। - फोटो : TANAKPUR
परिवहन विभाग की सख्ती से सुरक्षा मानकों को ताक पर रख कर स्कूली बच्चों को ढो रहे प्राइवेट वाहनों अब बच्चों को स्कूल ले जाना और लाना बंद कर दिया है। इससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं निजी स्कूलों के अपने वाहन सुरक्षा मानक पूरे कर बच्चे ढो रहे हैं।
विज्ञापन

न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों में सुरक्षा के मानक तय किए हैं। टिहरी में बीते सात अगस्त को स्कूल वाहन दुर्घटना में नौ बच्चों की मौत के बाद राज्य सरकार के निर्देश पर परिवहन विभाग ने स्कूल बसों की सघन चेकिंग शुरू की है।
विज्ञापन

मानकों का उल्लंघन कर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने से निजी स्कूल तो अपने वाहनों में सुरक्षा मानक पूरे कर बच्चे ढो रहे हैं लेकिन स्कूली बच्चों को ढोने वाले प्राइवेट वाहन कार्रवाई के भय से खड़े कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

सैनिक छावनी स्थित केंद्रीय विद्यालय-एक के बच्चों को अब तक प्राइवेट वाहन स्कूल पहुंचाते थे और वापस लाते थे लेकिन मालिकों की ओर से वाहनों को खड़े कर दिए जाने से विद्यालय के बच्चों के समक्ष स्कूल आने-जाने की समस्या खड़ी हो गई है। अभिभावकों को समय निकाल कर बच्चों को स्कूल पहुंचाना और लाना पड़ रहा है।
बोरागोठ की संपति देवी का कहना है कि गाड़ी बंद होने से बच्चों को स्कूल भेजने की समस्या हो रही है। जैसे-तैसे कर बच्चों को स्कूल भेजा और लाया जा रहा है।
पीलीभीत चुंगी निवासी भावना भट्ट की पुत्र केवि-एक में पढ़ती है। भावना कहती है कि स्कूल वाहन बंद होने से बेटी को खुद स्कूल पहुंचाना और लाना पड़ रहा है।
नायकगोठ की चंद्रकला की पुत्री केवि-एक में पढ़ती है। चंद्रकला का कहना है कि स्कूल वाहन बंद होने से बच्चों के स्कूल जाने-आने की समस्या पैदा हो गई है जिससे परेशानी हो रही है।
व्यसायी अनिल पांडेय और राजेश राय का कहना है कि टनकपुर से करीब छह सौ बच्चे केवि-एक में पढ़ने जाते हैं लेकिन स्कूल ले जाने वाली प्राइवेट बस बंद होने से अभिभावकों के लिए परेशानी पैदा हो गई है। व्यवसाय करने वाले अभिभावक ज्यादा परेशान हैं।
मानकों के उल्लंघन पर नहीं बरती जाएगी नरमी
वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर किसी के साथ नरमी नहीं बरती जाएगी। मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। वीके सिंह, एआरटीओ, टनकपुर।

ये हैं स्कूल वाहनों के सुरक्षा मानक
परिवहन विभाग द्वारा तय मानक के अनुसार स्कूल वाहन का रंग पीला हो, रिफलेक्टर टेप लगा हो, चालक वर्दी में हो, वाहन की उम्र वैध हो, वाहन में जीपीआरएस सिस्टम, सीसी कैमरा लगा हो, खिड़की में जाली लगी हो, फस्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र हो, स्पीड गवर्नर लगा हो। वाहनों के लिए करीब 32 से अधिक मानक तय है।

अनिल सिंह।

अनिल सिंह।- फोटो : TANAKPUR

चंद्रकला।

चंद्रकला।- फोटो : TANAKPUR

भावना भट्ट।

भावना भट्ट।- फोटो : TANAKPUR

संपति देवी।

संपति देवी।- फोटो : TANAKPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed