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Champawat News: जिम कार्बेट से जुड़े स्थलों का ईको टूरिज्म के तहत विकास होगा
Sun, 01 Dec 2024 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 01 Dec 2024 10:41 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। नेपाल सीमा से सटे जिले के बूम वन रेंज के अंतर्गत कार्बेट ट्रेल का ईको टूरिज्म के तहत विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा में शामिल इस योजना पर वन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। डीएफओ नवीन चंद्र पंत ने बताया कि कार्बेट ट्रेल और उससे सेट क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है।
रविवार को डीएफओ पंत ने बूम रेंज के अधिकारियों के साथ जिम कार्बेट से जुड़े स्थल दूरस्थ चूका, कलढूंगा, टाक, कार्बेट ट्रेल, खलढूंगा, ठूलीगाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद शाम को डीएफओ ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कार्बेट ट्रेल योजना में मशहूर शिकारी जिम कार्बेट से जुड़े स्थलों का विकास किया जाना है। इसके लिए स्थलों का निरीक्षण किया गया। ईको टूरिज्म के तहत स्थलों के साथ आसपास के स्थलों का भी विकास हो सकेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान बूम रेंजर गुलजार हुसैन, भरत सिंह नेगी, ब्रदी दत्त जोशी,मोहन धामी समेत अनेक वन कर्मी मौजूद रहे।
जिम कार्बेट से जिले को मिलेगी नई पहचान
टनकपुर (चंपावत)। अंग्रेज शिकारी जिम कार्बेट ने वर्ष 1907 से 1946 के बीच चंपावत जिले में सात आदमखोर बाघ को मार कर लोगों को बचाया था। टाक में वर्ष 1938 में जिम कार्बेट ने नरभक्षी बाघ को मारा था। बूम-कलढूंगा, चूका के साथ ही जिले के अन्य कार्बेट से जुड़े स्थलों को जोड़कर कार्बेट ट्रेल के विकास की योजना विचार होने लगा है। योजना के आकार लेने पर जिले को नई पहचान मिल सकेगी।
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रविवार को डीएफओ पंत ने बूम रेंज के अधिकारियों के साथ जिम कार्बेट से जुड़े स्थल दूरस्थ चूका, कलढूंगा, टाक, कार्बेट ट्रेल, खलढूंगा, ठूलीगाड़ क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद शाम को डीएफओ ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कार्बेट ट्रेल योजना में मशहूर शिकारी जिम कार्बेट से जुड़े स्थलों का विकास किया जाना है। इसके लिए स्थलों का निरीक्षण किया गया। ईको टूरिज्म के तहत स्थलों के साथ आसपास के स्थलों का भी विकास हो सकेगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान बूम रेंजर गुलजार हुसैन, भरत सिंह नेगी, ब्रदी दत्त जोशी,मोहन धामी समेत अनेक वन कर्मी मौजूद रहे।
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जिम कार्बेट से जिले को मिलेगी नई पहचान
टनकपुर (चंपावत)। अंग्रेज शिकारी जिम कार्बेट ने वर्ष 1907 से 1946 के बीच चंपावत जिले में सात आदमखोर बाघ को मार कर लोगों को बचाया था। टाक में वर्ष 1938 में जिम कार्बेट ने नरभक्षी बाघ को मारा था। बूम-कलढूंगा, चूका के साथ ही जिले के अन्य कार्बेट से जुड़े स्थलों को जोड़कर कार्बेट ट्रेल के विकास की योजना विचार होने लगा है। योजना के आकार लेने पर जिले को नई पहचान मिल सकेगी।
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