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Champawat News: करोड़ों का पीआईसीयू कर रहा बाल रोग विशेषज्ञ का इंतजार
Sun, 22 Sep 2024 11:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sun, 22 Sep 2024 11:16 PM IST
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चंपावत जिला अस्पताल में बना पीआईसीयू। संवाद
चंपावत। जिला अस्पताल में करोड़ों की लागत से पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनकर तैयार हो गया है लेकिन पीआईसीयू संचालन के लिए बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं होने से बच्चों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 1.25 करोड़ रुपये से पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। 32 बेड की क्षमता वाले पीआईसीयू में जरूरी उपकरण लगने बाकी हैं। इसके अलावा हैंडओवर की कार्यवाही भी की जानी है। साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ के रिक्त दो पदों को भरा जाना है। पिछले वर्ष दिसंबर से अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। पिछले आठ माह से एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर भट्ट बच्चों का इलाज अस्थायी तौर पर कर रहे हैं। एसीएमओ का चार्ज होने के कारण उन्हें अन्य कार्यों के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है लेकिन एसीएमओ मेडिकल अवकाश पर होने के कारण बच्चों का इलाज कराना मुश्किल हो गया है। बच्चों के इलाज के लिए खटीमा, हल्द्वानी, बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है।
अस्पताल में दो माह पहले बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. वैभव चंद्र रमौला का स्थानांतरण टिहरी से चंपावत जिला अस्पताल में हुआ था लेकिन दो माह बीतने के बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ ने ज्वाइनिंग नहीं ली है।
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कोट
जिला अस्पताल में पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। अभी हेंडओवर की कार्यवाही के साथ ही मशीनें लगाई जानी हैं। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। शीघ्र चिकित्सक और स्टाफ के लिए निदेशालय को पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. देवेश चौहान, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।
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जिला अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए 1.25 करोड़ रुपये से पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। 32 बेड की क्षमता वाले पीआईसीयू में जरूरी उपकरण लगने बाकी हैं। इसके अलावा हैंडओवर की कार्यवाही भी की जानी है। साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ के रिक्त दो पदों को भरा जाना है। पिछले वर्ष दिसंबर से अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त है। पिछले आठ माह से एसीएमओ डॉ. चंद्रशेखर भट्ट बच्चों का इलाज अस्थायी तौर पर कर रहे हैं। एसीएमओ का चार्ज होने के कारण उन्हें अन्य कार्यों के लिए इधर-उधर जाना पड़ता है लेकिन एसीएमओ मेडिकल अवकाश पर होने के कारण बच्चों का इलाज कराना मुश्किल हो गया है। बच्चों के इलाज के लिए खटीमा, हल्द्वानी, बरेली की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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अस्पताल में दो माह पहले बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. वैभव चंद्र रमौला का स्थानांतरण टिहरी से चंपावत जिला अस्पताल में हुआ था लेकिन दो माह बीतने के बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ ने ज्वाइनिंग नहीं ली है।
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कोट
जिला अस्पताल में पीआईसीयू का निर्माण पूरा हो गया है। अभी हेंडओवर की कार्यवाही के साथ ही मशीनें लगाई जानी हैं। इसके लिए कार्यवाही की जा रही है। शीघ्र चिकित्सक और स्टाफ के लिए निदेशालय को पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. देवेश चौहान, प्रभारी सीएमओ, चंपावत।