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सीमांत गांवों के विकास को सिर्फ एक-तिहाई रकम
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चंपावत। सीमा से लगे ब्लॉकों के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित बीएडीपी (सीमावर्ती क्षेत्र विकास योजना) में धन का टोटा हो गया है। पहले पिछले वित्त वर्ष 2020-21 में उत्तराखंड को रकम नहीं मिली और अब मिली भी तो बमुश्किल एक-तिहाई राशि। आगे बची हुई रकम मिलेगी या नहीं, यह भी साफ नहीं है। बजट अवमुक्त होने में देरी से सीमावर्ती क्षेत्र के पिछड़े गांवों के विकास ही नहीं, कम राशि से विकास योजनाओं का चयन करना भी चुनौती बन रहा है।
उत्तराखंड में चंपावत के अलावा चार अन्य जिले पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चमोली और उत्तरकाशी में केंद्र पोषित बीएडीपी संचालित है। इन पांच जिलों के पांच ब्लॉक (चंपावत, लोहाघाट, खटीमा, कनालीछीना और मूनाकोट) नेपाल सीमा और चार ब्लॉक (धारचूला, मुनस्यारी, जोशीमठ और भटवाड़ी) चीन सीमा से लगे हैं। बीएडीपी के जरिये सीमांत के गांवों में बुनियादी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित तमाम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इस योजना के तहत 2020-21 में प्रदेश में 40.82 करोड़ रुपये (34.29 प्रतिशत) अनुमोदित हुए थे। लेकिन इस राशि का एक भी रुपया पिछले वित्त वर्ष में नहीं मिला। अब 14 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इस राशि में से चंपावत जिले की 4.68 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1.30 करोड़ (27.95 प्रतिशत) अवमुक्त हुए हैं। ऐसे में 20 सड़क और छोटे पुलों सहित कुल 47 कार्यों में से कौन से कार्य कराए जाए, इसे लेकर चुनौती होगी। (संवाद)
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2020-21 में चंपावत जिले के दोनों ब्लॉकों के लिए यह राशि अनुमोदित थी
ब्लॉक स्वीकृत राशि (लाख रुपये में) कार्य
चंपावत 234.051 24
लोहाघाट 234.051 23
कोट
बीएडीपी मद में 2020-21 में चंपावत जिले के दोनों ब्लॉकों के लिए 1.30 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। आगे बजट कब जारी होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन विभाग उपलब्ध राशि का ग्रामीण विकास के मद्देनजर अधिकतम उपयोग करेगा।
एसके पंत,
डीडीओ, चंपावत।
पिछले साल के 66 में से 58 काम हुए हैं पूरे
चंपावत। बीएडीपी की 2019-20 योजना के सभी काम भी अभी पूरे नहीं हो सके हैं। 602.49 लाख रुपये की योजना में से अब तक 66 निर्माण कार्यो में से 58 कार्य ही पूरे हो सके हैं। गांधी मैदान में मंच निर्माण, ज्ञानखेड़ा सरस मार्केट निर्माण सहित आठ काम अभी भी अधूरे हैं।
बेहतर है मुख्यमंत्री बीएडीपी की प्रगति
चंपावत। 2020-21 से शुरू की गई मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (सीएमबीएडीपी) की प्रगति अपेक्षाकृत बेहतर है। स्वीकृत 571.55 लाख रुपये में से फरवरी में शासन ने 341.76 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी। योजना के तहत चंपावत ब्लॉक में 39 और लोहाघाट ब्लॉक में 27 काम होने हैं।
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उत्तराखंड में चंपावत के अलावा चार अन्य जिले पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चमोली और उत्तरकाशी में केंद्र पोषित बीएडीपी संचालित है। इन पांच जिलों के पांच ब्लॉक (चंपावत, लोहाघाट, खटीमा, कनालीछीना और मूनाकोट) नेपाल सीमा और चार ब्लॉक (धारचूला, मुनस्यारी, जोशीमठ और भटवाड़ी) चीन सीमा से लगे हैं। बीएडीपी के जरिये सीमांत के गांवों में बुनियादी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सहित तमाम जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
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इस योजना के तहत 2020-21 में प्रदेश में 40.82 करोड़ रुपये (34.29 प्रतिशत) अनुमोदित हुए थे। लेकिन इस राशि का एक भी रुपया पिछले वित्त वर्ष में नहीं मिला। अब 14 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इस राशि में से चंपावत जिले की 4.68 करोड़ रुपये के सापेक्ष 1.30 करोड़ (27.95 प्रतिशत) अवमुक्त हुए हैं। ऐसे में 20 सड़क और छोटे पुलों सहित कुल 47 कार्यों में से कौन से कार्य कराए जाए, इसे लेकर चुनौती होगी। (संवाद)
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2020-21 में चंपावत जिले के दोनों ब्लॉकों के लिए यह राशि अनुमोदित थी
ब्लॉक स्वीकृत राशि (लाख रुपये में) कार्य
चंपावत 234.051 24
लोहाघाट 234.051 23
कोट
बीएडीपी मद में 2020-21 में चंपावत जिले के दोनों ब्लॉकों के लिए 1.30 करोड़ रुपये अवमुक्त किए गए हैं। आगे बजट कब जारी होगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन विभाग उपलब्ध राशि का ग्रामीण विकास के मद्देनजर अधिकतम उपयोग करेगा।
एसके पंत,
डीडीओ, चंपावत।
पिछले साल के 66 में से 58 काम हुए हैं पूरे
चंपावत। बीएडीपी की 2019-20 योजना के सभी काम भी अभी पूरे नहीं हो सके हैं। 602.49 लाख रुपये की योजना में से अब तक 66 निर्माण कार्यो में से 58 कार्य ही पूरे हो सके हैं। गांधी मैदान में मंच निर्माण, ज्ञानखेड़ा सरस मार्केट निर्माण सहित आठ काम अभी भी अधूरे हैं।
बेहतर है मुख्यमंत्री बीएडीपी की प्रगति
चंपावत। 2020-21 से शुरू की गई मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (सीएमबीएडीपी) की प्रगति अपेक्षाकृत बेहतर है। स्वीकृत 571.55 लाख रुपये में से फरवरी में शासन ने 341.76 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी। योजना के तहत चंपावत ब्लॉक में 39 और लोहाघाट ब्लॉक में 27 काम होने हैं।