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एक अग्निशमन यंत्र के आसरे 383 छात्रों की सुरक्षा
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चंपावत जीआईसी भवन।
- फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत का राजकीय इंटर कॉलेज आदर्श श्रेणी का कॉलेज है। इसके बावजूद यहां शैक्षिक गुणवत्ता के लिए शिक्षकों की कमी है। कॉलेज में अग्नि दुर्घटना से बचाव के उपाय भी ऐसे नहीं हैं कि दूसरी शिक्षण संस्थाओं के लिए ये आदर्श बन सकें। 383 छात्रों की क्षमता वाले इस कॉलेज मेें आग बुझाने के लिए महज एक अग्निशमन उपकरण है।
जिला मुख्यालय के जीआईसी की इमारत कई दशक पुरानी है। इसका अधिकांश हिस्सा लकड़ी से निर्मित है। इसके चलते आग की घटना को लेकर यह अधिक संवेदनशील है। इसके बावजूद आग से निपटने के इंतजाम खास नहीं हैं। औपचारिकता भर के लिए यहां एक फायर एक्सटिंग्विशर है जिसका काम आग लगने की दशा में यहां के 12 से अधिक कमरों की हिफाजत करना है।
कॉलेज में इस एक्सटिंग्विशर को चलाने के लिए प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य मनोज कुमार जोशी का कहना है कि आग से बचाव के लिए अन्य जरूरी उपकरणों व प्रशिक्षण के लिए आग्रह किया जा रहा है। फिलहाल आग से बचाव को विशेषता सतर्कता बरती जाती है।
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जिला मुख्यालय के जीआईसी की इमारत कई दशक पुरानी है। इसका अधिकांश हिस्सा लकड़ी से निर्मित है। इसके चलते आग की घटना को लेकर यह अधिक संवेदनशील है। इसके बावजूद आग से निपटने के इंतजाम खास नहीं हैं। औपचारिकता भर के लिए यहां एक फायर एक्सटिंग्विशर है जिसका काम आग लगने की दशा में यहां के 12 से अधिक कमरों की हिफाजत करना है।
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कॉलेज में इस एक्सटिंग्विशर को चलाने के लिए प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य मनोज कुमार जोशी का कहना है कि आग से बचाव के लिए अन्य जरूरी उपकरणों व प्रशिक्षण के लिए आग्रह किया जा रहा है। फिलहाल आग से बचाव को विशेषता सतर्कता बरती जाती है।
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