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बदहाल शिक्षा:पाटी जीआईसी में दो साल में कम हो गए 96 छात्र 

Thu, 02 Aug 2018 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पाटी (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूरो  पाटी (चंपावत)। Updated Thu, 02 Aug 2018 12:23 AM IST
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number of students decreased by 96 in GIC Pati
पाटी जीआईसी में नि:शुल्क पढ़ाने वाले दो युवक। - फोटो : अमर उजाला
यहां के जीआईसी को तीन वर्ष पूर्व आदर्श कॉलेज का दर्जा मिला, लेकिन आदर्श बनने के बाद से 96 छात्र कम हो गए। 2016 में 421 छात्र थे, जो अब घटकर 325 रह गए हैं। इसकी वजह शिक्षकों के खाली पद हैं। हाल इस कदर खराब है कि खाली पीरियड में सीनियर छात्र अपने जूनियरों के गुरु बन रहे हैं।
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2000 में उच्चीकृत हुए जीआईसी में इंटर के विषयों को पढ़ाने के लिए 9 प्रवक्ताओं में से महज तीन ही हैं। मगर इन तीन प्रवक्ताओं में से भी एक लंबे समय से चिकित्सा अवकाश में हैं। प्रवक्ताओं की कमी से अधिकांश महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई पर मार पड़ रही है।
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रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, हिंदी, भूगोल और अर्थशास्त्र विषय को पढ़ाने के लिए कोई प्रवक्ता नहीं है। कई बार छात्र ही जूनियर छात्रों को पढ़ा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी से परीक्षा में नंबर कम आ रहे हैं। 
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दो शिक्षित युवक नि:शुल्क दे रहे सेवा  
पाटी में शिक्षकों की कमी से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए यहां के दो शिक्षित युवा आगे आए हैं। खंड शिक्षाधिकारी की अनुमति से वे नि:शुल्क शिक्षण में हाथ बंटा रहे हैं। चंद्रकांत उपाध्याय रसायन विज्ञान व गणित और प्रकाश चंद्र जोशी भूगोल पढ़ा छात्रों की मदद कर रहे हैं।  


पाटी जीआईसी सहित तमाम आदर्श स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार आग्रह किया जा रहा है। अध्यापकों की कमी छात्रों की पढ़ाई पर असर डाल रही है।  
आरसी पुरोहित,  
मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।
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