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अब सरकारी अस्पतालों में कटेगी मरीजों की जेब
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सरकारी अस्पतालों में अब ओपीडी पर्ची से लेकर अल्ट्रासाउंड की फीस मंहगी हो जाएगी। यही नहीं एंबुलेंस सेवा के भी पांच किमी से आगे बढ़ने पर फीस देनी होगी। केवल आयुष्मान कार्डधारक नयी दरों से बाहर रहेंगे। स्वास्थ्य महानिदेशालय ने पत्र जारी कर सीएमओ को नयी दरें लागू करने के आदेश दिए हैं।
स्वास्थ्य महानिदेशक अमित उप्रेती की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध चिकित्सालयों को छोडक़र सभी सरकारी अस्पतालों और औषधालयों में रोगियों की चिकित्सा सेवा शुल्क की दरें लागू होंगी। अटल आयुष्मान योजना के कार्डधारकों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा। बढ़ी हुई दरों के अनुसार अब पर्ची कटाने के लिए मरीजों को 23 रुपये के बजाए 60 रुपया खर्च करने होंगें। अल्ट्रासाउंड की फीस 471 रुपये के बजाए अब 700 रुपये देनी होगी।
एंबुलेंस सेवा भी मरीजों को सिर्फ पांच किमी तक ही निशुल्क सेवा देगी। पांच किमी से आगे बढ़ने पर प्रति किमी 20 रुपया फीस देनी होगी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से 24 घंटे तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उसके बाद अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों को बाह्य रोगी पर्ची शुल्क और भर्ती शुल्क ही लिया जाएगा। बताया कि उपरोक्त दोनों योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया है। नए आदेश के अनुसार अब इमरजेंसी और जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों से आहार शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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स्वास्थ्य महानिदेशक अमित उप्रेती की ओर से जारी आदेश के अनुसार राजकीय मेडिकल कॉलेजों से संबंद्ध चिकित्सालयों को छोडक़र सभी सरकारी अस्पतालों और औषधालयों में रोगियों की चिकित्सा सेवा शुल्क की दरें लागू होंगी। अटल आयुष्मान योजना के कार्डधारकों को नि:शुल्क इलाज मिलेगा। बढ़ी हुई दरों के अनुसार अब पर्ची कटाने के लिए मरीजों को 23 रुपये के बजाए 60 रुपया खर्च करने होंगें। अल्ट्रासाउंड की फीस 471 रुपये के बजाए अब 700 रुपये देनी होगी।
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एंबुलेंस सेवा भी मरीजों को सिर्फ पांच किमी तक ही निशुल्क सेवा देगी। पांच किमी से आगे बढ़ने पर प्रति किमी 20 रुपया फीस देनी होगी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से 24 घंटे तक कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। उसके बाद अस्पताल द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के अनुरूप शुल्क लिया जाएगा। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले मरीजों को बाह्य रोगी पर्ची शुल्क और भर्ती शुल्क ही लिया जाएगा। बताया कि उपरोक्त दोनों योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया है। नए आदेश के अनुसार अब इमरजेंसी और जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों से आहार शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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