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भारी बारिश के बीच बंद हुई क्वैराला योजना से पानी की आपूर्ति
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पूर्णागिरि धाम में भवानीगाड़ नाले में टूटी पेयजल लाइन। संवाद
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। नदी में मिट्टीयुक्त पानी आने के कारण एक महीने के भीतर दूसरी बार चंपावत क्षेत्र की क्वैराला पंपिंग योजना से पेयजल आपूर्ति रोकनी पड़ी है। चंपावत की इस नई योजना से इससे पहले 16 सितंबर को भी नदी में मिट्टी जमा होने से पेयजल आपूर्ति रोकनी पड़ी थी। हालांकि शहर क्षेत्र में पुरानी योजना से पानी मिल रहा है।
चंपावत क्षेत्र के लिए अगस्त 2016 से चंपावत पुनर्गठन पेयजल योजना (क्वैराला पंपिंग योजना) का काम शुरू होकर इस साल मार्च में पूरा हुआ था लेकिन ट्रायल, पेयजल परीक्षण, पंप में खामी की वजह से पेयजल आपूर्ति में देरी हुई। करीब इकतीस करोड़ रुपये से बनी इस योजना से 30 वर्षों तक क्षेत्र की जरूरत पूरी होनी है। चार अक्तूबर को क्वैराला योजना से पेयजल आपूर्ति शुरू की गई थी लेकिन अब फिर भारी बारिश की वजह से नदी में जमा हुई मिट्टी की वजह से आपूर्ति रोकी गई है। नदी से मिट्टी हटने के बाद फिर से पेयजल आपूर्ति करने की बात कही गई है।
क्वैराला पंपिंग योजना की आपूर्ति करने वाली क्वैराला नदी में भारी बारिश की वजह से मिट्टी आ गई है। इस कारण साफ पानी न मिलने से शनिवार से पेयजल आपूर्ति रोकनी पड़ी है। नदी से मिट्टी हटने के बाद फिर से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - वीके पाल, ईई, पेयजल निगम, चंपावत।
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अतिवृष्टि से तीन पेयजल योजनाओं को नुकसान
चंपावत। भारी बारिश से तीन पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है। ये सभी योजनाएं जल निगम की है। निगम के ईई वीके पाल ने बताया कि सजोली, छतकोट, पुनाबे की पेयजल योजनाओं को भारी नुकसान हुआ है। जल संस्थान के पास अभी नुकसान की सूचना उपलब्ध नहीं है।
मां पूर्णागिरि धाम में भवानीगाड़ नाले से आने वाली लाइन टूट गई है। इससे धाम की पेयजल आपूर्ति पर आंशिक असर पड़ा है। जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस का कहना है कि बारिश थमने के बाद योजना के टूटे पाइपों को जोड़ा जाएगा। संवाद
अंधेरे में हैं ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर इलाके
चंपावत। भारी बारिश ने चंपावत जिले के दो-तिहाई ग्रामीण क्षेत्रों को अंधेरे में रख दिया। कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की लाइन टूट गई है। खंभों को भी भारी नुकसान हुआ है। लोहाघाट क्षेत्र में बिजली लाइन को तोड़ते हुए एक पेड़ एक मकान की छत पर गिर गया। इससे मकान को नुकसान हुआ है। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश, गुमदेश, तल्लापाल, लधिया घाटी आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। ऊर्जा निगम चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि अधिकतर जगह लाइनों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। मौसम ठीक रहने पर सोमवार तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी। निगम को हुए नुकसान का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
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चंपावत क्षेत्र के लिए अगस्त 2016 से चंपावत पुनर्गठन पेयजल योजना (क्वैराला पंपिंग योजना) का काम शुरू होकर इस साल मार्च में पूरा हुआ था लेकिन ट्रायल, पेयजल परीक्षण, पंप में खामी की वजह से पेयजल आपूर्ति में देरी हुई। करीब इकतीस करोड़ रुपये से बनी इस योजना से 30 वर्षों तक क्षेत्र की जरूरत पूरी होनी है। चार अक्तूबर को क्वैराला योजना से पेयजल आपूर्ति शुरू की गई थी लेकिन अब फिर भारी बारिश की वजह से नदी में जमा हुई मिट्टी की वजह से आपूर्ति रोकी गई है। नदी से मिट्टी हटने के बाद फिर से पेयजल आपूर्ति करने की बात कही गई है।
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क्वैराला पंपिंग योजना की आपूर्ति करने वाली क्वैराला नदी में भारी बारिश की वजह से मिट्टी आ गई है। इस कारण साफ पानी न मिलने से शनिवार से पेयजल आपूर्ति रोकनी पड़ी है। नदी से मिट्टी हटने के बाद फिर से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। - वीके पाल, ईई, पेयजल निगम, चंपावत।
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अतिवृष्टि से तीन पेयजल योजनाओं को नुकसान
चंपावत। भारी बारिश से तीन पेयजल योजनाओं को नुकसान हुआ है। ये सभी योजनाएं जल निगम की है। निगम के ईई वीके पाल ने बताया कि सजोली, छतकोट, पुनाबे की पेयजल योजनाओं को भारी नुकसान हुआ है। जल संस्थान के पास अभी नुकसान की सूचना उपलब्ध नहीं है।
मां पूर्णागिरि धाम में भवानीगाड़ नाले से आने वाली लाइन टूट गई है। इससे धाम की पेयजल आपूर्ति पर आंशिक असर पड़ा है। जल संस्थान के ईई विलाल यूनुस का कहना है कि बारिश थमने के बाद योजना के टूटे पाइपों को जोड़ा जाएगा। संवाद
अंधेरे में हैं ग्रामीण क्षेत्रों के ज्यादातर इलाके
चंपावत। भारी बारिश ने चंपावत जिले के दो-तिहाई ग्रामीण क्षेत्रों को अंधेरे में रख दिया। कई जगह पेड़ गिरने से बिजली की लाइन टूट गई है। खंभों को भी भारी नुकसान हुआ है। लोहाघाट क्षेत्र में बिजली लाइन को तोड़ते हुए एक पेड़ एक मकान की छत पर गिर गया। इससे मकान को नुकसान हुआ है। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश, गुमदेश, तल्लापाल, लधिया घाटी आदि क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप है। ऊर्जा निगम चंपावत खंड के ईई एसके गुप्ता ने बताया कि अधिकतर जगह लाइनों को ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। मौसम ठीक रहने पर सोमवार तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी। निगम को हुए नुकसान का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।