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अब एड़ी बालकृष्ण मेले पर लटकी तलवार
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भिंगराड़ा के एड़ी बालकृष्ण का मंदिर।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। देवीधुरा के बगवाल मेले के निरस्त होने के बाद अब भिंगराड़ा के प्रसिद्ध एड़ी बालकृष्ण मंदिर में होने वाले मेले पर भी कोरोना का साया पड़ सकता है। इस मेले को निरस्त करने की अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई, लेकिन मंदिर समिति ने मेला स्थगित करने की आशंका जताई है।
भिंगराड़ा का यह मेला लधिया घाटी के गड्यूड़ा, खरही, मड्योली, बालातड़ी, रीठा साहिब, कुल्यालगांव, परेवा, पोखरी, करौली, बिरगुल, गोली, एड़ीगुरौली, वैला, खटोली, साल-टांण, मछियाड़ सहित दो दर्जन गांवों से जुड़ा है। इस बार यह मेला 10 से 12 अगस्त तक होना है। मुख्य मेले के दिन 11 अगस्त को भिंगराड़ा और खरही से दो डोले एड़ी बालकृष्ण मंदिर तक निकलते हैं। मेले में तमाम धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा दूरदराज के दर्जनों कारोबारी भी आते हैं लेकिन इस बार इस मेले का स्थगित होना करीब तय है।
चंपावत जिले में निरस्त हुए ये धार्मिक आयोजन :
मां पूर्णागिरि धाम, गुमदेश का चैतोला मेला, रीठा साहिब का जोड़ मेला, देवीधार महोत्सव, अखिलतारिणी मेला।
लधिया क्षेत्र के प्रसिद्ध एड़ी बालकृष्ण मंदिर में होने वाले तीन दिन मेले का आयोजन खतरे में है। कोरोना के चलते भीड़ न जुटे, इसके लिए इस बार मेला समेत कारोबारी गतिविधियां नहीं होंगी। सिर्फ धार्मिक पूजन होगा। डोले निकालने को लेकर निर्णय एक हफ्ते बाद होने वाली मंदिर समिति की बैठक में लिया जाएगा।
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- मुकेश महराना, अध्यक्ष, मंदिर कमेटी, भिंगराड़ा।
देवीधुरा बगवाल के विकल्प पर जल्द होगी बैठक
चंपावत। तीन अगस्त को होने वाली देवीधुरा की बगवाल को कोरोना के चलते पहले ही निरस्त किया जा चुका है। चमियाल खाम के मुखिया गंगा सिंह चमियाल का कहना है कि बगवाल के दिन मां बाराही देवी की पूजा-अर्चना समेत अन्य गतिविधियों को लेकर हरेले के बाद बैठक होगी। इस बैठक में चारों खामों के प्रतिनिधियों के रक्तदान करने पर भी चर्चा की जाएगी।
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भिंगराड़ा का यह मेला लधिया घाटी के गड्यूड़ा, खरही, मड्योली, बालातड़ी, रीठा साहिब, कुल्यालगांव, परेवा, पोखरी, करौली, बिरगुल, गोली, एड़ीगुरौली, वैला, खटोली, साल-टांण, मछियाड़ सहित दो दर्जन गांवों से जुड़ा है। इस बार यह मेला 10 से 12 अगस्त तक होना है। मुख्य मेले के दिन 11 अगस्त को भिंगराड़ा और खरही से दो डोले एड़ी बालकृष्ण मंदिर तक निकलते हैं। मेले में तमाम धार्मिक कार्यक्रमों के अलावा दूरदराज के दर्जनों कारोबारी भी आते हैं लेकिन इस बार इस मेले का स्थगित होना करीब तय है।
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चंपावत जिले में निरस्त हुए ये धार्मिक आयोजन :
मां पूर्णागिरि धाम, गुमदेश का चैतोला मेला, रीठा साहिब का जोड़ मेला, देवीधार महोत्सव, अखिलतारिणी मेला।
लधिया क्षेत्र के प्रसिद्ध एड़ी बालकृष्ण मंदिर में होने वाले तीन दिन मेले का आयोजन खतरे में है। कोरोना के चलते भीड़ न जुटे, इसके लिए इस बार मेला समेत कारोबारी गतिविधियां नहीं होंगी। सिर्फ धार्मिक पूजन होगा। डोले निकालने को लेकर निर्णय एक हफ्ते बाद होने वाली मंदिर समिति की बैठक में लिया जाएगा।
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- मुकेश महराना, अध्यक्ष, मंदिर कमेटी, भिंगराड़ा।
देवीधुरा बगवाल के विकल्प पर जल्द होगी बैठक
चंपावत। तीन अगस्त को होने वाली देवीधुरा की बगवाल को कोरोना के चलते पहले ही निरस्त किया जा चुका है। चमियाल खाम के मुखिया गंगा सिंह चमियाल का कहना है कि बगवाल के दिन मां बाराही देवी की पूजा-अर्चना समेत अन्य गतिविधियों को लेकर हरेले के बाद बैठक होगी। इस बैठक में चारों खामों के प्रतिनिधियों के रक्तदान करने पर भी चर्चा की जाएगी।