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उत्तराखंड: पंचेश्वर बांध की बिजली में नेपाल ने मांगा आधा हिस्सा

Thu, 16 May 2019 12:06 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत)
अमर उजाला ब्यूरो बनबसा (चंपावत) Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Thu, 16 May 2019 12:06 AM IST
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Nepal demands half of the power of Pancheshwar dam
पंचेश्वर बांध परियोजना के तहत बनबसा में बैठक लेते केंद्रीय सचिव यूपी सिंह। - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पंचेश्वर बांध से पैदा होने वाली बिजली का आधा हिस्सा अब नेपाल ने अपने लिए मांगा है। भारत की ओर से नेपाल की इस मांग पर विचार भी किया जा रहा है। केंद्रीय जल संसाधन सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह के मुताबिक भारत ने नेपाल की तीन मांगों को मान भी लिया है। अब कोशिश इस परियोजना को तेजी से पूरा करनेे की है।  
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भारत और नेपाल की संयुक्त परियोजना के निरीक्षण पर यहां पहुंचे केंद्रीय सचिव के मुताबिक पंचेश्वर बांध से 4800 मेगावाट विद्युत उत्पादन होगा। बांध परियोजना की प्रगति धीमी है। भारत सरकार इसमें तेजी लाना चाहती है। केंद्रीय सचिव के मुताबिक पांच मई को नेपाल में उच्च स्तरीय वार्ता में हुई थी। इस वार्ता में नेपाल के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए थे। नेपाल की ओर से परियोजना में उत्पादित कुल बिजली का 50 प्रतिशत मांगा गया है।
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अभी इस मांग पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। इसके अतिरिक्त नेपाल की तीन मांगों पर भारत सहमत है। पहली टनकपुर बैराज से नेपाल को सिंचाई के लिए नहर बनेगी। इसके लिए भारत ने 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। दूसरा नेपाल को टनकपुर बैराज के नदी बहाव की बाईं दिशा से 1.2 किमी लंबी नहर से 300 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। तीसरा नेपाल के बनबसा सीमा से सटे नेपाल के गांव चांदनी-दोधारा की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने सिंचाई नहर बनाई जाएगी। टनकपुर से नेपाल के लिए एक लिंक रोड का प्रस्ताव रखा गया है। 
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बांध बनने के बाद शारदा से भारत को होगा लाभ: केंद्रीय सचिव

जल संसाधन नदी विकास एवं गंगा संरक्षण सचिव उपेंद्र प्रसाद सिंह के मुताबिक पंचेश्वर बांध बनने से भारत को शारदा से होने वाली सिंचाई का भी फायदा होगा। इस नदी से अभी तक भारत में कुल 24 प्रतिशत सिंचाई हो पाती है। बांध बनने के बाद यह कवरेज बढ़कर 41 प्रतिशत हो जाएगा। 

एनएचपीसी के अतिथिगृह स्थित सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक में केंद्रीय सचिव ने अधिकारियों से पंचेश्वर बांध और उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं और मुद्दों पर बात की। बैठक के बाद उन्होंने भारत नेपाल सीमा और  बनबसा स्थित शारदा बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से भारतीय सीमा से सटे नेपाल के चांदनी-दोधारा गांव की लोकेशन के संबंध में जानकारी भी ली।


इस मौके पर सीडब्लूसी के मुख्य अभियंता एएस गोयल, एनएचपीसी के चंडीगढ़ से आए कार्यपालक निदेशक एमके गोयल, यूपी सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता शरद कुमार सिंह, उत्तराखंड सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता एके दिनकर, राज्य सिंचाई अपर सचिव अतुल कुमार गुप्ता, एनएचपीसी के मुख्य अभियंता प्रभारी पवन कुमार गुप्ता, महाप्रबंधक सिविल एसके शर्मा, महाप्रबंधक विद्युत अमिताभ झा आदि मौजूद थे। 
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