{"_id":"59b6c7ac4f1c1bf87f8b5eea","slug":"municipalities-will-not-be-involved-in-the-field","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर पालिका क्षेत्र में शामिल नहीं होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल नहीं होंगे
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
Updated Mon, 11 Sep 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
तहसील में प्रदर्शन करते ज्ञानखेड़ा, आमबाग, मोहनपुर व नायकगोठ के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीण क्षेत्रों को नगर पालिका परिषद के शामिल करने का विरोध लगातार तेजी पकड़ता जा रहा है। सोमवार को ज्ञानखेड़ा, विष्णुपुरी कॉलोनी, आमबाग, नायकगोठ के ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन कर एसडीएम अनिल चन्याल के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद एवं ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील पहुंचे और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीणों की सहमति के बगैर ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र पूर्णरूप से कृषि क्षेत्र है, शहर क्षेत्र की तुलना में जनसंख्या घनत्व कम है और फिर नगर पालिका क्षेत्र के शामिल होने से ग्रामीणों पर करों का बोझ बढ़ेगा। इतना ही नहीं नगर में शामिल होने से किसानों को सरकार से मिलने वालों से भी उन्हें वंचित रहना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि नगर पालिका मौजूद शहरी क्षेत्र की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से अंजाम नहीं दे पा रही है, ऐसे में नगर क्षेत्र का विस्तार किया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव जमीनी हकीकत को ध्यान में रखे बगैर दिया गया है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं। इनमें बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, महेश चंद्र कुलेठा, रिटायर्ड कैप्टन चंद्रशेखर गहतोड़ी, सूरज नाथ, दिनेश भट्ट, जगदीश उप्रेती, किशन चौहान, बृजेश सिंह राना, गायत्री बिष्ट, सतीश उप्रेती, मुन्नी त्रिपाठी, रेखा गहतोड़ी, श्याम बोहरा, प्रकाश सामंत आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य उर्मिला चंद एवं ज्ञानखेड़ा की प्रधान नीतू गोस्वामी के नेतृत्व में ग्रामीण तहसील पहुंचे और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ग्रामीणों की सहमति के बगैर ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया है, जो उन्हें मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र पूर्णरूप से कृषि क्षेत्र है, शहर क्षेत्र की तुलना में जनसंख्या घनत्व कम है और फिर नगर पालिका क्षेत्र के शामिल होने से ग्रामीणों पर करों का बोझ बढ़ेगा। इतना ही नहीं नगर में शामिल होने से किसानों को सरकार से मिलने वालों से भी उन्हें वंचित रहना पड़ेगा।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि नगर पालिका मौजूद शहरी क्षेत्र की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से अंजाम नहीं दे पा रही है, ऐसे में नगर क्षेत्र का विस्तार किया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र को नगर पालिका में शामिल करने का प्रस्ताव जमीनी हकीकत को ध्यान में रखे बगैर दिया गया है, जिसका वे कड़ा विरोध करते हैं। इनमें बीडीसी सदस्य हरिओम सेठी, महेश चंद्र कुलेठा, रिटायर्ड कैप्टन चंद्रशेखर गहतोड़ी, सूरज नाथ, दिनेश भट्ट, जगदीश उप्रेती, किशन चौहान, बृजेश सिंह राना, गायत्री बिष्ट, सतीश उप्रेती, मुन्नी त्रिपाठी, रेखा गहतोड़ी, श्याम बोहरा, प्रकाश सामंत आदि थे।
विज्ञापन