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अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है लोहावती नदी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jun 2021 11:10 PM IST
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Lohavati river is fighting for its existence
लोहाघाट (चंपावत)। कभी जीवनदायनी कही जाने वाली लोहावती नदी अब अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है। नदी में गंदगी का अंबार है। शहर के ज्यादातर इलाके का कचरा नदी में समां रहा है। प्रदूषण इस कदर है कि लोग इस नदी में स्नान करने से भी हिचक रहे हैं। वहीं नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए भी कोई ठोस पहल अभी तक नहीं हो सकी है।
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लोहावती नदी से ही नगर के एक बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति की जाती है। पेयजल आपूर्ति के लिए नदी किनारे चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना बनाई गई है। जहां से लोहावती नदी, बलांई गधेेरे आदि स्थानों से पानी लिफ्ट कर लोहाघाट नगर में सप्लाई होती है। क्षेत्र में सीवर लाइन की व्यवस्था न होने से सारे नाले लोहावती नदी में ही छोड़े जा रहे हैं। लाश घर के पास बने नाले, कोली पुल, शिवालय मंदिर के पास बने नाले से क्षेत्र की गंदगी बहकर आ रही है। यही नहीं लोहावती नदी के किनारे श्मशान घाट है। जहां विभिन्न गांवों से शवों को अंतिम संस्कार के लिए लाया जाता है। शवों के अंतिम संस्कार के बाद उसके अवशेष नदी में बहकर पानी में मिलते हैं। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि लोहावती नदी के जल स्तर में कमी आती जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में लोहावती नदी से करीब 285 एलपीएम पानी मिलता था, जो अब घटकर वर्तमान में 245 एलपीएम तक रह गया है।
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प्लांट लगने से होगी सीवरेज की समस्या दूर
लोहाघाट (चंपावत)। नगर पंचायत के ईओ कमल कुमार का कहना है कि नगर के सीवर के ट्रीटमेंट के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए जल निगम की ओर से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके बाद सीवर प्लांट लगने से सीवरेज की समस्या दूर होगी।(संवाद)
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कई चरणों में अलग की जाती हैं पेयजल अशुद्धियां
लोहाघाट (चंपावत)। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि सबसे पहले पानी की प्रथम चरण की पंपिंग की जाती है। उसके बाद पानी की मोटी अशुद्धियों को अलग करने के लिए फिटकरी डालकर अवसादन टैंक में डाला जाता है। जहां मोटी अशुद्धियां बैठ जाती है। इसके बाद इस पानी को फिल्टर में डाला जाता है। फिल्टर होने के बाद शुद्ध पानी को एक अन्य टैंक में एकत्र करने के बाद उसे दूसरे चरण में लिफ्ट कर मुख्य भंडारण टैँक में एकत्र किया जाता है। मुख्य टैंक में वितरण से पूर्व नियमित रूप से क्लोरीनेशन किया जाता है।(संवाद)
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