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Champawat News: दो दशक में 55 प्राथमिक विद्यालयों पर लटका ताला
Thu, 02 May 2024 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 02 May 2024 11:38 PM IST
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चंपावत। जिले में दो दशक में 50 से अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हो गए हैं। वर्ष 2001 से 2023 तक बंद होने वाले विद्यालयों में 47 प्राथमिक और आठ उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं।
सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य होने से वर्ष 2001 से 2023 तक 55 विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। इसमें चंपावत ब्लॉक के 14 प्राथमिक और चार उच्च प्राथमिक, लोहाघाट के 10 प्राथमिक, बाराकोट के पांच प्राथमिक और शेष पाटी ब्लाक के 17 प्राथमिक और चार उच्च प्राथमिक विद्यालयों को छात्र संख्या शून्य के चलते बंद करना पड़ा। इनमें पाटी ब्लॉक के राप्रावि पाटी, सिरतोली, मडियोली, ब्रुशखोला और राप्रावि करौली सहित पांच विलीनीकृत प्राथमिक विद्यालय भी शामिल हैं।
इसमें सबसे ज्यादा वर्ष 2018 में 12 और 2023 में नौ, 2022 और 2017 में सात-सात और 2015 में पांच विद्यालय बंद किए गए हैं। 2021 में तीन और 2019 में दो और वर्ष 2001, 2007, 2008, 2009, 2010, 2012 और वर्ष 2014 में एक-एक विद्यालय बंद किए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाए जाने को लेकर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्राथमिक स्तर के इन विद्यालयों तक छात्र-छात्राओं की पहुंच बने इसके लिए अध्यापकों को घर-घर भेजा जाता है लेकिन विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ने के बावजूद घटती जा रही है और एक एक कर प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं।
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कोट
जिले के 50 से अधिक विद्यालयों की छात्र संख्या शून्य होने के बाद विद्यालयों को बंद करना पड़ा। जिले में प्राथमिक स्तर से ही छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। अध्यापकों को घर-घर भेजकर छात्र-छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचाने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।
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सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य होने से वर्ष 2001 से 2023 तक 55 विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। इसमें चंपावत ब्लॉक के 14 प्राथमिक और चार उच्च प्राथमिक, लोहाघाट के 10 प्राथमिक, बाराकोट के पांच प्राथमिक और शेष पाटी ब्लाक के 17 प्राथमिक और चार उच्च प्राथमिक विद्यालयों को छात्र संख्या शून्य के चलते बंद करना पड़ा। इनमें पाटी ब्लॉक के राप्रावि पाटी, सिरतोली, मडियोली, ब्रुशखोला और राप्रावि करौली सहित पांच विलीनीकृत प्राथमिक विद्यालय भी शामिल हैं।
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इसमें सबसे ज्यादा वर्ष 2018 में 12 और 2023 में नौ, 2022 और 2017 में सात-सात और 2015 में पांच विद्यालय बंद किए गए हैं। 2021 में तीन और 2019 में दो और वर्ष 2001, 2007, 2008, 2009, 2010, 2012 और वर्ष 2014 में एक-एक विद्यालय बंद किए गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाए जाने को लेकर तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। प्राथमिक स्तर के इन विद्यालयों तक छात्र-छात्राओं की पहुंच बने इसके लिए अध्यापकों को घर-घर भेजा जाता है लेकिन विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ने के बावजूद घटती जा रही है और एक एक कर प्राथमिक विद्यालय बंद हो रहे हैं।
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कोट
जिले के 50 से अधिक विद्यालयों की छात्र संख्या शून्य होने के बाद विद्यालयों को बंद करना पड़ा। जिले में प्राथमिक स्तर से ही छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास जारी हैं। अध्यापकों को घर-घर भेजकर छात्र-छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचाने को लेकर तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। - मेहरबान सिंह बिष्ट सीईओ चंपावत।