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Champawat News: टनकपुर अस्पताल के दो डॉक्टरों ने छोड़ी नौकरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 04 Jan 2023 11:17 PM IST
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Less Doctor in Tanakpur Hospital
छात्र संजय कुमार। - फोटो : TANAKPUR
टनकपुर (चंपावत)। डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे उप जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। इससे अब मरीजों को और परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में चयन होने पर कम्युनिटि मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अमित गुप्ता और डॉ. स्नेहा मित्तल इस्तीफा देकर चले गए हैं। अब अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या 11 रह गई है। इनमें एक सीएमएस और 5 विशेषज्ञ डॉक्टर है। डॉक्टरों की कमी से अस्पताल प्रशासन के सामने इमरजेंसी ड्यूटी की भी चुनौती पैदा हो गई है।
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उप जिला अस्पताल में तैनात डॉ. अमित गुप्ता एवं डॉ. स्नेहा मित्तल दो वर्ष पहले ही स्थानांतरित होकर आए थे जो अब नौकरी से इस्तीफा देकर चले गए हैं। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि इस्तीफा देने वाले डॉक्टरों का अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में चयन हुआ है। दोनों डॉक्टरों ने दो माह पहले स्वास्थ्य महानिदेशक को नौकरी छोड़ने का नोटिस दिया था लेकिन शासन से इस्तीफा मंजूर होने से पहले ही वह नौकरी छोड़कर चले गए हैं।
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दो डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने से अस्पताल में सीएमएस समेत डॉक्टरों की संख्या 11 रह गई है। इनमें तीन पुरुष तो दो महिला डॉक्टर हैं। सीएमएस ने बताया कि डॉक्टरों के 22 पद सृजित हैं जिसमें से 11 पद खाली पड़े हैं। स्टाफ की कमी से आईसीयू का संचालन भी सुचारु नहीं हो पा रहा है।
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सीएमएस ने सीएमओ को दी डॉक्टरों के इस्तीफा देने की जानकारी
टनकपुर (चंपावत)। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी ने सीएमओ को पत्र भेजकर दो डॉक्टरों के इस्तीफा देने की जानकारी देने के साथ ही डॉक्टरों की कमी से इमरजेंसी ड्यूटी में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया है। पत्र में कहा गया है कि तीन ईएमओ एवं एक एनेथेटिस्ट इमरजेंसी, ओपीडी एवं इंडोर का काम कर रहा है। सर्जन और नेत्र रोग विशेषज्ञ महिला हैं जो ओटी का काम भी देख रही हैं। अस्थि रोग विशेषज्ञ 57 वर्ष के हैं जिन्हें इमरजेंसी ड्यूटी में लगाना संभव नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन के समक्ष इमरजेंसी ड्यूटी के लिए समस्या पैदा हो गई है। उन्होंने सीएमओ से दो ईएमओ एवं एक एलएमओ की मांग की है।

जन औषधि केंद्र के भी हाल बुरे, अक्सर रहता है बंद
टनकपुर (चंपावत)। मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप जिला अस्पताल में खोले गए जन औषधि केंद्र के हाल भी ठीक नहीं है। केंद्र अक्सर बंद रहने से मरीजों को बाजार से महंगी कीमतों पर दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। सीएमएस डॉ. घनश्याम तिवारी का कहना है कि जन औषधि केंद्र अस्पताल प्रशासन के नियंत्रण में नहीं है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
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