UK News: च्यूरानी गांव में महिला पर हमला करने वाला आदमखोर तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
च्यूरानी गांव में महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है। तेंदुए के फंसने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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लोहाघाट विकासखंड बाराकोट के च्यूरानी गांव में महिला पर हमला करने वाला तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में फंस गया है। तेंदुए के फंसने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। रेंजर राजेश कुमार जोशी ने बताया कि करीब चार दिन पूर्व तेंदुए ने खेत में घास काट रही महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। तेंदुए ने महिला के पीठ में नाखून लगाए थे। घायल महिला का उप जिला अस्पताल लोहाघाट में इलाज किया गया। रेंजर ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए विभाग ने गांव में पिंजरा लगाया था। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने तेंदुए के गुर्राने की आवाज सुनी तो पिंजरे के पास पहुंचे। पिंजरे में तेंदुआ कैद मिला।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन रेंजर जोशी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को रेस्क्यू किया गया। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ लगभग 5-6 वर्ष का है जो पूरी तरह स्वस्थ है। उच्च अधिकारियों के निर्देश मिलते ही इसे रेस्क्यू सेंटर भेज दिया जाएगा। रेस्क्यू अभियान में वन दरोगा प्रकाश गिरी, राजेंद्र प्रसाद, मोहन तिवारी, कुंवर सिंह समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
मंगोली में तेंदुआ पकड़ से दूर
लोहाघाट ब्लॉक के मंगोली गांव में आमदखोर तेंदुआ वन विभाग की पकड़ से बाहर है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तीन पिंजरे लगाने के साथ 10 कैमरा ट्रैप और ड्रोन लगाया हुआ है। इसके बावजूद तेंदुए की लोकेशन नजर नहीं आ रही है। रेंजर नारायण दत्त पांडेय ने बताया कि मंगोली के गांव के पास सोमवार सुबह ग्रामीणों को तेंदुआ दिखाई दिया। रेंजर ने बताया पिंजरे का स्थान बदलने के साथ एक और पिंजरा लगाया जा रहा है। विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। तेंदुआ एक ही दिन कैमरा ट्रैप में दिखाई दिया है उसके बाद से वह नजर नहीं आया। रेंजर ने बताया कि गांव और उसके आसपास लगातार गश्त की जा रही है। अब तक विभाग ने तीन पिंजरे लगाए हैं।