{"_id":"654e5f7c871f0bb4a0030354","slug":"kaligaon-village-head-is-there-but-panchayat-is-not-formed-champawat-news-c-229-1-shld1009-3283-2023-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलीगांव : ग्राम प्रधान है पर पंचायत का गठन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलीगांव : ग्राम प्रधान है पर पंचायत का गठन नहीं
Fri, 10 Nov 2023 10:21 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 10 Nov 2023 10:21 PM IST
विज्ञापन
जिला पंचायत राज अधिकारी रामपाल सिंह।
चंपावत। ग्राम प्रधान होने के बावजूद कलीगांव जिले की अकेली ऐसी ग्राम पंचायत है जहां पंचायत का गठन नहीं हो सका है। पंचायती चुनाव निपटने के चार साल बाद यह हाल है। इसकी वजह ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्यों का नहीं होना है। अक्तूबर 2019 में चुनाव के बाद तीन बार उप चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने पर भी किसी भी वार्ड में नामांकन नहीं हुए। पंचायत का गठन न होने से ग्राम पंचायत में न बजट आ पा रहा है और ना ही विकास कार्य हो पा रहे हैं।
जिले में 313 ग्राम पंचायतों में बाराकोट ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में प्रधान नहीं हैं। अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित दोनों सीट पर प्रधान नहीं है। ग्राम पंचायत सदस्य निर्वाचित होने से इन दोनों पंचायतों में प्रशासक की तैनाती कर जरूरी काम कराए जा रहे हैं। वहीं, लोहाघाट ब्लॉक की कलीगांव ग्राम पंचायत का गठन प्रधान चुने जाने के बावजूद नहीं हो सका है। 2011 की जनगणना आकड़ों के मुताबिक 1,307 की आबादी वाले कलीगांव में सात वार्ड हैं, लेकिन वार्ड सदस्य एक भी नहीं। इस कारण यहां प्रधान को बस्ता नहीं दिया गया है।
पंचायत के अस्तित्व में नहीं आने से कलीगांव में न राज्य वित्त की राशि मिल रही है और न ही केंद्र वित्त की। इससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। इस राशि से सामान्य रूप से सीसी मार्ग, पेयजल, सफाई के अलावा क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से अन्य कार्य कराए जाते हैं। ग्राम प्रधान रेखा पुजारी का कहना है कि ग्राम पंचायत गठित नहीं होने से पंचायत के जरिए होने वाले कोई भी काम नहीं हो पा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
बाक्स
इसलिए नहीं बन रहे वार्ड सदस्य
चंपावत। कलीगांव ग्राम पंचायत के लोगों ने गांव के जंगल में शहर का कूड़ा फेंके जाने के विरोध में 2019 में पंचायती चुनाव का बहिष्कार किया था। यद्यपि प्रधान निर्विरोध रूप से बन गई लेकिन वार्ड सदस्य के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं किया और यह स्थिति चार साल बाद भी बनी हुई है।
कोट
जिले में कलीगांव अकेली ऐसी ग्राम पंचायत है जिसका गठन नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत के गठन के लिए प्रधान के अलावा कुल सदस्यों के दो-तिहाई सदस्यों का होना जरूरी है। इस अनिवार्यता के पूरा नहीं होने से यहां ग्राम पंचायत को राज्य और केंद्र वित्त से मिलने वाली राशि भी नहीं मिल पा रही है।- रामपाल सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
जिले में 313 ग्राम पंचायतों में बाराकोट ब्लॉक की दो ग्राम पंचायतों में प्रधान नहीं हैं। अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित दोनों सीट पर प्रधान नहीं है। ग्राम पंचायत सदस्य निर्वाचित होने से इन दोनों पंचायतों में प्रशासक की तैनाती कर जरूरी काम कराए जा रहे हैं। वहीं, लोहाघाट ब्लॉक की कलीगांव ग्राम पंचायत का गठन प्रधान चुने जाने के बावजूद नहीं हो सका है। 2011 की जनगणना आकड़ों के मुताबिक 1,307 की आबादी वाले कलीगांव में सात वार्ड हैं, लेकिन वार्ड सदस्य एक भी नहीं। इस कारण यहां प्रधान को बस्ता नहीं दिया गया है।
विज्ञापन
पंचायत के अस्तित्व में नहीं आने से कलीगांव में न राज्य वित्त की राशि मिल रही है और न ही केंद्र वित्त की। इससे विकास कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। इस राशि से सामान्य रूप से सीसी मार्ग, पेयजल, सफाई के अलावा क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से अन्य कार्य कराए जाते हैं। ग्राम प्रधान रेखा पुजारी का कहना है कि ग्राम पंचायत गठित नहीं होने से पंचायत के जरिए होने वाले कोई भी काम नहीं हो पा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
बाक्स
इसलिए नहीं बन रहे वार्ड सदस्य
चंपावत। कलीगांव ग्राम पंचायत के लोगों ने गांव के जंगल में शहर का कूड़ा फेंके जाने के विरोध में 2019 में पंचायती चुनाव का बहिष्कार किया था। यद्यपि प्रधान निर्विरोध रूप से बन गई लेकिन वार्ड सदस्य के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं किया और यह स्थिति चार साल बाद भी बनी हुई है।
कोट
जिले में कलीगांव अकेली ऐसी ग्राम पंचायत है जिसका गठन नहीं हुआ है। ग्राम पंचायत के गठन के लिए प्रधान के अलावा कुल सदस्यों के दो-तिहाई सदस्यों का होना जरूरी है। इस अनिवार्यता के पूरा नहीं होने से यहां ग्राम पंचायत को राज्य और केंद्र वित्त से मिलने वाली राशि भी नहीं मिल पा रही है।- रामपाल सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी, चंपावत।