टनकपुर (चंपावत)। सनातन धर्म का संदेश लेकर शुरू हुई जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी महाराज की अगुवाई में संतों की प्राचीन पवित्र छड़ी यात्रा सोमवार को मां पूर्णागिरि धाम पहुंची। यात्रा में शामिल संतों ने मां पूर्णागिरि धाम के दर्शन कर वहां की व्यवस्थाएं भी देखी। यात्रा में अखाड़ा के 45 संत शामिल हैं।
सनातन धर्म का संदेश लेकर जूना अखाड़ा हरिद्वार के माया मंदिर से शुरू हुई यह यात्रा ऋषिकेश , देहरादून, मसूरी, लाखा मंडल, बड़कोट, यमुनोत्री, उत्तरकाशी, गंगोत्री, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, सोन प्रयाग, केदारनाथ, गुप्तकाशी, उखीमठ, चमोली, जोशीमठ, बद्रीनाथ, लक्ष्मण कुंड, कर्णप्रयाग, बैजनाथ, कौसानी, बागेश्वर, जागेश्वर से गेटिया होकर सोमवार को मां पूर्णागिरि धाम पहुंची। यहां पहुंचने पर प्रशासन और धाम के पुजारियों ने संतों का स्वागत किया। यात्रा का नेतृत्व कर रहे अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष महंत प्रेम गिरी महराज ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म का संदेश देना है। यात्रा का समापन 12 अक्तूबर को रामनगर से वापस हरिद्वार के प्राचीन श्री दुखहरण हनुमान मंदिर जूना अखाड़ा में होगा। टनकपुर में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा मंगलवार की सुबह चंपावत के लिए रवाना होगी।