रिवर राफ्टिंग में ‘पंचेश्वर’ ने बनाई पर्यटन मानचित्र में जगह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर भारत की पांच प्रमुख गोरी, काली, धौली, सरयू, रामगंगा नदियों के संगम के लिए विख्यात पंचेश्वर क्षेत्र रिवर राफ्टिंग के लिए भी एशिया भर में मशहूर हो गया है। अब यहां साल दर साल बड़ी संख्या में देशी, विदेशी राफ्टरों की आमद होने लगी है। बीते कुछ वर्षों से शासन-प्रशासन की ओर से साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचेश्वर में स्थित महाकाली नदी में रिवर राफ्टिंग, एंगलिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिसके बाद से पंचेश्वर रिवर राफ्टिंग के मामले में विश्व पर्यटन मानचित्र में स्थान बनाने के साथ ही लोकप्रियता हासिल करता जा रहा है।
जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित पंचेश्वर से टनकपुर के बूम तक 70 किलोमीटर का नदी क्षेत्र जहां अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए खासा प्रसिद्ध है। वहीं नदी में अनुकूल बहाव की तेजी रिवर राफ्टिंग और एंगलिंग के लिए भी काफी मददगार साबित हो रही है। यहां वर्ष 2001 में इंडियन फिश कंजरवेसी की ओर से कुमाऊं मंडल विकास निगम ने राष्ट्रीय स्तर की रिवर राफ्टिंग, एंगलिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
जिसके बाद पंचेश्वर विश्व पर्यटन मानचित्र की सुर्खियों में आया था। पूर्व तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल जेएफ रोड्रिक्स ने भी पंचेश्वर दौरा कर रिवर राफ्टिंग की संभावनाओं का पता लगाया था। अब भारतीय सेना, सशस्त्र सीमा बल, आईटीबीपी सहित अन्य संगठनों की ओर से भी यहां समय-समय पर रिवर राफ्टिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
पंचेश्वर बांध परियोजना ने भी दिलाई पहचान
भारत, नेपाल के संयुक्त उपक्रम के रूप में प्रस्तावित पंचेश्वर बांध परियोजना ने भी पंचेश्वर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। भले ही बीते छह दशकों में महत्वाकांक्षी पंचेश्वर बांध निर्माण की कार्रवाई महज डीपीआर बनाने से आगे न बढ़ी हो, मगर दोनों देशों के बीच होने वाली वार्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों के दौरे में पंचेश्वर बांध हर हमेशा से ही हॉट टॉक रहता आया है।
नौवीं एंगलिंग प्रतियोगिता का समापन
पंचेश्वर में वन विभाग और स्वयंसेवी संस्था दृष्टिकोण की ओर से आयोजित नौवीं अंतरराष्ट्रीय एंगलिंग प्रतियोगिता का बृहस्पतिवार को समापन हो गया। इस बार प्रतियोगिता में चार विदेशी एंगलरों के साथ ही दस एंगलरों ने भाग लिया। दृष्टिकोण के निदेशक साकेत दास ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नौंवी और अंतिम एंगलिंग प्रतियोगिता है।