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आईटीआई के ताले खोलो नहीं तो करेंगे चुनाव बहिष्कार, बाराकोट के लोगों की चेतावनी दी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 10:56 PM IST
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If you do not open the locks of ITI, you will boycott elections, people of Barakot warned
बंद होने से पहले इस जगह चलता था बाराकोट का आईटीआई। (फाइल फोटो) - फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। बाराकोट के आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) में पिछले साल जुलाई से ताला लटक गया है। मौजूदा शिक्षण सत्र से संचालन ठप होने से नाराज बाराकोट के लोगों ने 2021-22 के सत्र से इसका संचालन नहीं होने पर विधानसभा चुनाव के बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। साथ ही आंदोलन का रास्ता भी अपनाए जाने की बात कही गई है।
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नागरिकों ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 2017 में इस आईटीआई को मॉडल आईटीआई बनाने का एलान किया था। लेकिन मॉडल संस्था बनने के बजाय इसमें पिछले साल से ताले ही लटक गया है। बाराकोट के प्रधान नवीन अधिकारी, फर्तोला के सुनील वर्मा, दीपक वर्मा, संजय वर्मा, पवन वर्मा, नीरज वर्मा, कपिल वर्मा, सूरज वर्मा, गोविंद लाल वर्मा, नवीन लाल वर्मा आदि ने तकनीकी शिक्षा के निदेशक को पत्र भेजकर आईटीआई को जल्द से जल्द संचालित करने की मांग की है। एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि मानकों के अभाव में बाराकोट को मॉडल आईटीआई नहीं बनाया जा सका। इसी कारण सीएम के इस एलान को निरस्त किया गया।
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चार में से दो ही ट्रेडों का हुआ संचालन
युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार देने के मकसद से खोले गए इस आईटीआई में चार ट्रेड स्वीकृत किए गए थे। लेकिन संचालित दो (इलेक्ट्रिशियन और कंप्यूटर ऑफ प्रोग्रामिंग एप्लीकेशन) ही ट्रेड हो सके। और पिछले साल अगस्त से संस्थान पर ताले लटकने से ये ट्रेड भी बंद हो गए हैं। आईटीआई के भवन के लिए चामड़किनी तोक में 20 नाली जमीन भी दान मिली लेकिन बजट नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो सका।
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इसलिए बंद हुए आईटीआई में प्रवेश
बाराकोट सहित जिले के छह आईटीआई एससीवीटी (स्टेट काउंसिलिंग ऑन वोकेशनल ट्रेनिंग) श्रेणी के हैं। इसके चलते इनमें 2020 में प्रवेश करने पर रोक लगाई गई है। बाराकोट के अलावा पांच अन्य (तल्लादेश, दिगालीचौड़, भिंगराड़ा, बनबसा और रेगड़ू) आईटीआई में भी प्रवेश बंद हो गए हैं। बाराकोट के स्टाफ को चंपावत और अन्य संस्थानों के अनुदेशक-कर्मियों को दूसरी जगह संबद्ध कर दिया गया है।
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