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सड़क नहीं तो ‘नोटा’

Sat, 02 Feb 2019 11:28 PM IST
gangotri gangotri सतीश जोशी ‘सत्तू’ चंपावत।
सतीश जोशी ‘सत्तू’ चंपावत। Published by: gangotri gangotri Updated Sat, 02 Feb 2019 11:28 PM IST
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if road will not be made, we will go for NOTA only
चंपावत के कोट अमोड़ी में रोड से चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर सामान लाते खच्चर। - फोटो : amar ujala

सड़क सुविधा से वंचित कोट अमोड़ी के ग्रामीणों ने आगामी लोकसभा चुनाव में ‘नोटा’ (इनमें से कोई नहीं) का बटन दबाने का फैसला किया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में जहां देश भर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है वहीं चंपावत में अब भी कई ग्रामीण क्षेत्र सड़क सुविधा से वंचित हैं। इन गांवों में खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की ढुलाई के लिए खच्चर ही एकमात्र सहारा है। इसके बावजूद किसी राजनीतिक दल या प्रतिनिधि का इस ओर ध्यान नहीं हैं। ऐसे में नोटा ही विकल्प है। 

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ग्रामीणों के अनुसार गांव तक पहुंचने के लिए खड़ी चढ़ाई होने के कारण यहां लोगों को खाने का सारा सामान खच्चरों से या कंधों पर लादकर ले जाना पड़ता है। चार से पांच किलोमीटर की चढ़ाई होने के कारण सामान ले जाने में घंटों का समय लग जाता है। सबसे ज्यादा समस्या बच्चों को स्कूल जाने में होती है। आठवीं के बाद स्कूल जाने के लिए बच्चों को कई किलोमीटर दूर अमोड़ी आना पड़ता है।
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यहां के छात्र-छात्राएं सुबह आठ बजे घर से स्कूल के लिए निकल जाते हैं और शाम पांच बजे के बाद ही घर वापस पहुंच पाते हैं। इसके अलावा मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गांव से सड़क तक मरीज को लाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। यहां करीब 400 से अधिक परिवार निवास करते थे लेकिन पलायन के कारण परिवारों की संख्या घट कर अब 150 के आसपास रह गई है।
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-हम कई सालों से यहां रह रहे हैं। हर चुनाव में नेता आते हैं और चले जाते हैं लेकिन आज तक किसी ने न हमारी समस्या सुनी न हमारी सुध ली। अब तो सड़क के अभाव में यहां के लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। ऐसे में हमारे पास सड़क नहीं बनने पर नोटा ही विकल्प बचता है।
दिनेश भट्ट, ग्रामीण। 
- हमें लोकतंत्र पर विश्वास है लेकिन जनप्रतिनिधियों पर नहीं हैं, क्योंकि आज तक किसी भी राजनीतिक पार्टी या जनप्रतिनिधि ने यहां की सबसे बड़ी समस्या सड़क के समाधान के लिए कुछ नहीं किया। ऐसे में लोक सभा चुनावों में हमारे लिए नोटा ही सबसे बेहतर विकल्प है।

-दीपक भट्ट, ग्रामीण।

चंपावत विधानसभा क्षेत्र के कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए पीएमजीएसवाई को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही गांव को सड़क सुविधा से जोड़ा जाएगा।
कैलाश गहतोड़ी, विधायक, चंपावत। 

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