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सीमांत मंच कस्बे से होगा हिमालय दर्शन
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चंपावत के सीमांत मंच से इस तरह होता है हिमालय की वादियों का दीदार।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। जिले के सीमांत मंच कस्बे से जल्द ही पर्यटक हिमालय की खूबसूरत वादियों के दर्शन का लुत्फ उठा सकेंगे। पर्यटकों को हिमालय दर्शन के लिए लुभाने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से मंच कस्बे में इको हटों का निर्माण किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग की ओर से 29.22 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन इको हटों का 90 फीसदी से अधिक कार्य पूरा कर दिया गया है। अब इनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। साथ ही इनमें बिजली, पानी आदि बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का कार्य किया जा रहा है।
जिले में पर्यटकों की आमद बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग की ओर से नए स्थलों का विकास किया जा रहा है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट के अनुसार एबटमांउट के अलावा सीमांत मंच क्षेत्र में पर्यटकों के ठहरने के लिए इको हटों का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने पर इको हटों का संचालन पीपीपी मोड में किया जाएगा। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के एएई प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि मंच में इको हट का 90 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब खिड़की और दरवाजे लगाने का कार्य किया जा रहा है।
हिमालय की पर्वत श्रंखलाओं के होते हैं दर्शन
चंपावत। सतयुग से अखंड धूनी जलने के लिए विश्व प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ धाम चंपावत जिले के सीमांत मंच कस्बे में ही स्थित है। काफी ऊंचाई पर स्थित होने के कारण गुरु गोरखनाथ धाम और मंच कस्बे से हिमालय की बर्फ आच्छादित चोटियों के दर्शन होते हैं। गुरु गोरखनाथ धाम के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष कई श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। (संवाद)
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जिले में पर्यटकों की आमद बढ़ाने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग की ओर से नए स्थलों का विकास किया जा रहा है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट के अनुसार एबटमांउट के अलावा सीमांत मंच क्षेत्र में पर्यटकों के ठहरने के लिए इको हटों का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने पर इको हटों का संचालन पीपीपी मोड में किया जाएगा। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग के एएई प्रमोद कुमार वर्मा ने बताया कि मंच में इको हट का 90 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। अब खिड़की और दरवाजे लगाने का कार्य किया जा रहा है।
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हिमालय की पर्वत श्रंखलाओं के होते हैं दर्शन
चंपावत। सतयुग से अखंड धूनी जलने के लिए विश्व प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ धाम चंपावत जिले के सीमांत मंच कस्बे में ही स्थित है। काफी ऊंचाई पर स्थित होने के कारण गुरु गोरखनाथ धाम और मंच कस्बे से हिमालय की बर्फ आच्छादित चोटियों के दर्शन होते हैं। गुरु गोरखनाथ धाम के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष कई श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। (संवाद)
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