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सेहतमंद जिंदगी और मन में ईश भक्ति

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Sep 2022 11:03 PM IST
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Healthy life and devotion in mind
104 साल के ईश्वरी दत्त पांडेय। - फोटो : TANAKPUR
चंपावत। चेहरे पर झुर्रियां उनके बुजुर्ग होने का इशारा करती हैं लेकिन मोतियाबिंद का ऑपरेशन बिगड़ने से आंख से न देख पाने वाले शतायु (104) पंडित ईश्वरी दत्त पांडेय अपनी दिनचर्या और जीवनशैली से बुजुर्ग नहीं लगते। वह नियमित रूप से श्लोक और मंत्रोच्चार करते हैं। उनकी सेहतमंद जिंदगी का राज अनुशासित दिनचर्या, संयमित खानपान और जीवन के प्रति सकारात्मकता नजरिया है।
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पंडित ईश्वरी दत्त पांडेय 104 साल की उम्र में चौथी पीढ़ी के साक्षी बने हैं। उनकी परपोती दिव्या का इसी साल सितंबर में जन्म हुआ। जिंदगी का शतक पूरा कर चुके पांडेय इस उम्र में भी सही सुनते हैं, लोगों की बात का जवाब देते हैं और कुछ पुरानी बातें अब भी उन्हें याद हैं। उनकी इस सेहत का राज वन विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद से अनुशासित दिनचर्या है। उनके पौत्र ऊर्जा निगम कर्मी संजय पांडेय बताते हैं कि दादा जी पैतृक गांव रौसाल से नौकरी के दौरान चंपावत तक रोजाना 32 किमी पैदल आना-जाना करते थे। खानपान में अंकुरित खाद्यान्न, मोटा अनाज और कच्ची सब्जियों का ज्यादा सेवन करते थे। इन्हीं वजहों से उन्होंने कभी दवा नहीं ली।
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सेवानिवृत्ति के बाद अधिकांश तीर्थयात्रा (गया, पुष्कर, रामेश्वरम, प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार) कर आध्यात्मिक जीवन की ओर राह बढ़ाई। कुछ साल पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन खराब होने से आंखों की रोशनी चली गई लेकिन उनकी रोजाना की आम दिनचर्या पर खास असर नहीं पड़ा। बस कुछ काम परिवार के लोगों की मदद से करते हैं। कंठस्थ होने से दुर्गा सप्तसती का पाठ नियमपूर्वक करते हैं। परिवार में लोगों को अब भी सीख दे रहे हैं। संवाद
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चंपावत में चल रही है वृद्धावस्था आश्रम की कवायद
चंपावत। रजत जयंती पूरी कर चुके चंपावत जिले में बुजुर्गों के मिलने जुलने या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए कोई भवन नहीं है। अब इस दिशा में कवायद शुरू हो गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत का कहना है कि चंपावत के वृद्धावस्था आश्रम के लिए जमीन को चयनित करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वैसे जिले में 60 साल से अधिक उम्र के 25469 लोग हैं। समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन लेने वालों की तादात ही 14258 है। इसके अलावा विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त होने वाले करीब चार हजार पेंशनर्स हैं।
बुजुर्गों के लिए उपयोगी टिप्स:
सात से नौ घंटों की नींद लें, वजन पर नियंत्रण रखने के लिए पौष्टिक आहार और नियमित एक्सरसाइज करें। ध्यान करने से सोच सकारात्मक रहेगी, सामाजिक रूप से जुड़ने से तनाव कम होता है।

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में दर्द और गठिया आम है। इससे बचने के लिए कैल्शियम का पर्याप्त मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए। वृद्धावस्था में नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण कराना जरूरी है। साल भर में एक बार मधुमेह, रक्त अल्पता, रक्तचाप सहित अन्य जांच कराने से शारीरिक रोगों को दूर करने में मदद मिलेगी। सप्ताह भर में ढाई घंटे की हल्की शारीरिक गतिविधियां और व्यायाम करना फायदेमंद है। -डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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