फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Girl Child Day...sex ratio in Champawat becomes worrying

Champawat News: बालिका दिवस...चंपावत में लिंगानुपात हुआ चिंताजनक

Fri, 23 Jan 2026 11:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 23 Jan 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
Girl Child Day...sex ratio in Champawat becomes worrying
चंपावत। राज्य में लंबे समय से लिंगानुपात एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय रहा है। पुत्र को प्राथमिकता देने की मानसिकता, भ्रूण लिंग जांच, बालिकाओं के प्रति भेदभाव और उनकी उपेक्षा जैसे कारणों से कई क्षेत्रों में लिंगानुपात असंतुलित हुआ। चंपावत जिले में लिंगानुपात में छह फीसदी नीचे गिरा है।
विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में लिंगानुपात 928 था। 2024-25 में बढ़कर 934 तक पहुंच गया। इसमें छह प्रतिशत की बढ़त हुई, लेकिन 2025-26 में यह आंकड़ा 928 दर्ज किया गया है। यानी छह फीसदी की गिरावट आई है। हालांकि विभाग का कहना है कि यह आंकड़ा स्थिर है।
विज्ञापन

लिंगानुपात किसी समाज में महिलाओं और पुरुषों की संख्या के संतुलन को दर्शाता है। अभी चंपावत में आदर्श आंकड़े तक पहुंचने में समय लगेगा। आदर्श आंकड़ा समाज की सामाजिक सोच, लैंगिक समानता और महिलाओं की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। छह प्रतिशत की कमी अभी भी समाज को जागरूक करने की ओर इशारा कर रही है। एसीएमओ इंद्रजीत पांडे के ने बताया संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से भी बालिकाओं के जन्मदर में सुधार देखने को मिला है। इससे परिवारों का भरोसा सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर मजबूत हुआ है। लोग जागरूक हुए हैं। प्रयास किया जा रहा है कि जिले का लिंगानुपात आदर्श किया जाए। 1000 पुरुष में 946 का लिंगानुपात आदर्श माना जाता है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed