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Champawat News: बेटी की डोली उठने के बाद उठी पिता की अर्थी
Mon, 29 Apr 2024 10:26 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Mon, 29 Apr 2024 10:26 PM IST
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दीपक जोशी, फाइल फोटो
लोहाघाट/ चंपावत। बेटी के मंडप में फेरे हो रहे थे लेकिन पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। बेटी की विदाई हुई तो पिता ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। जिस घर में एक दिन पहले खुशियां छाई हुई थी वहां अचानक मातम पसर गया।
यह घटना चंपावत जिले के सुंई पऊ गांव की है। गांव के सिमला तोक निवासी दीपक चंद्र जोशी (53) पुत्र भवानी दत्त की सबसे छोटी बेटी सुनीता की शादी रविवार को तय थी। शनिवार रात को अचानक दीपक की तबियत बिगड़ गई। परिवार वाले उन्हें रात में ही उपजिला अस्पताल लोहाघाट लाए। गंभीर स्थिति को देखते हुए रविवार रात को उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर, बेटी की बरात पहुंच गई। कन्यादान सुनीता के ताऊ प्रकाश चंद्र जोशी ने किया। इस बीच दीपक की तबियत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार को उनका शव घर लाया गया और अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट में किया गया। दीपक की तीन बेटियां और दो बेटे हैं।
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यह घटना चंपावत जिले के सुंई पऊ गांव की है। गांव के सिमला तोक निवासी दीपक चंद्र जोशी (53) पुत्र भवानी दत्त की सबसे छोटी बेटी सुनीता की शादी रविवार को तय थी। शनिवार रात को अचानक दीपक की तबियत बिगड़ गई। परिवार वाले उन्हें रात में ही उपजिला अस्पताल लोहाघाट लाए। गंभीर स्थिति को देखते हुए रविवार रात को उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर, बेटी की बरात पहुंच गई। कन्यादान सुनीता के ताऊ प्रकाश चंद्र जोशी ने किया। इस बीच दीपक की तबियत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार को उनका शव घर लाया गया और अंतिम संस्कार रामेश्वर घाट में किया गया। दीपक की तीन बेटियां और दो बेटे हैं।
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