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अमर उजाला अभियान:भिंगराड़ा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 06:57 PM IST
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education
किराये में चलने वाला भिंगराड़ा का आईटीआई। - फोटो : CHAMPAWAT
लधिया घाटी के युवाओं को तकनीकी ज्ञान देने के लिए भिंगराड़ा में चार साल पूर्व खुला आईटीआई बुरे हाल में है। 9 छात्र संख्या वाले आईटीआई में 2 कमरे, 1 ट्रेड और 1 अनुदेशक ही है। पढ़ने और पढ़ाने वालों के लिए फर्नीचर तक की व्यवस्था नहीं है। जगह की कमी और अनुदेशकों की तैनाती नहीं होने से यहां मोटर मैकेनिक और फीटर के ट्रेड शुरू ही नहीं हो पा रहे हैं।
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पाटी विकासखंड के भिंगराड़ा में 2015 में खुले आईटीआई में चल रहे इलैक्ट्रीशियन के इकलौते ट्रेड में अब मात्र 9 छात्र हैं जबकि दो साल पहले तक यहां 14 छात्र थे। इन छात्रों को पढ़ाने का जिम्मा एकमात्र अनुदेशक हरीश चंद्र पांडेय का है।
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छात्रों के बैठने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं है। कभी दुकान रहे किराये के चंद कमरों में ये आईटीआई चल रहा है। इसमें न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही शौचालय की। स्टाफ में भी अनुदेशक के अलावा एक चौकीदार और अनुसेवक है।
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भवन बनने तक कन्या जूनियर हाईस्कूल में शिफ्ट हो आईटीआई
रीठा साहिब (चंपावत)। भिंगराड़ा के आईटीआई के लिए भूमि को चयनित कर पंजीकृत भी किया जा चुका है। जीआईसी के नजदीक आईटीआई भवन का निर्माण किया जाएगा लेकिन अभी इसके निर्माण के लिए बजट स्वीकृत नहीं हुआ है।
पैरा लीगल वालंटियर उमेश भट्ट, धर्मानंद भट्ट, रमेश भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट सहित यहां के तमाम नागरिकों ने भवन का जल्द निर्माण कराने के अलावा अन्य व्यवस्थागत खामियों को दूर करने की मांग की है। साथ ही भवन बनने तक बंद हो चुके भिंगराड़ा कन्या जूनियर हाईस्कूल में आईटीआई के संचालन की मांग की है।

भिंगराड़ा आईटीआई में जगह की कमी है। कम जगह की वजह से कक्षा के संचालन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आईटीआई के लिए जमीन का चयन तो हो चुका है लेकिन अभी निर्माण कार्य की शुरुआत होना बाकी है।
हरीश पांडेय, अनुदेशक, आईटीआई, भिंगराड़ा।
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