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नेपाल प्रशासन के खिलाफ व्यापारियों का धरना 27 तक स्थगित
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बनबसा में धरने पर बैठे व्यापारी।
- फोटो : TANAKPUR
बनबसा (चंपावत)। नेपाल में मित्रवत व्यवहार नहीं होने से नाराज भारतीय व्यापारियों ने सोमवार को दूसरे दिन भी बेमियादी आंदोलन किया। हालांकि एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के साथ हुई वार्ता के बाद 27 नवंबर तक धरना स्थगित कर दिया है। भारतीय प्रशासन सीमा पर आवागमन सुलभ करने के लिए नेपाल प्रशासन से वार्ता करेगा।
भारतीय व्यापारियों का आरोप है कि बकाया रकम वसूली के लिए नेपाल जाने वाले व्यापारियों से नेपाल प्रशासन का रवैया बेहद खराब है। इससे नाराज व्यापारियों ने रविवार को नेपाल प्रशासन के खिलाफ केनाल गेट के करीब बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। सोमवार शाम तक धरना जारी रहा। धरना स्थल पर शाम को पहुंचे एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने व्यापारियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को डीएम के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने कहा कि डीएम के निर्देश पर नेपाल प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। कोतवाल धर्मवीर सोलंकी के नेतृत्व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने कहा कि 27 नवंबर तक मांगे नहीं मानी गईं तो वे सीमा पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री संजय पारीक, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल, व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष जगजीत सिंह गांधी, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, सत्यनारायण गोयल, पूर्णानंद कापड़ी, बलवंत पारीक, राकेश गुप्ता, प्रेमचंद्र अग्रवाल, रामदास अग्रवाल, रामसेवक अग्रवाल, विजय जोशी, राजेंद्र कश्यप, पवन पारीक, सुशील देवल, सियाराम गोयल आदि थे।
ये हैं बनबसा के व्यापारियों की पांच मांगें
1- भारत आने वाले नेपाली नागरिकों की कोविड 19 जांच हो।
2- बनबसा के व्यापारियों को अपने वाहन से नेपाल जाने की छूट दी जाए।
3- भारतीय व्यापारियों को नेपाल प्रशासन पूर्ण सुरक्षा प्रदान करे।
4- खुली सीमा से नेपाली नागरिकों का भारत प्रवेश बंद किया जाए।
5- गढ़ीगोठ अवैध रास्तों आदि से आवागमन और तस्करी रोकी जाए।
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भारतीय व्यापारियों का आरोप है कि बकाया रकम वसूली के लिए नेपाल जाने वाले व्यापारियों से नेपाल प्रशासन का रवैया बेहद खराब है। इससे नाराज व्यापारियों ने रविवार को नेपाल प्रशासन के खिलाफ केनाल गेट के करीब बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। सोमवार शाम तक धरना जारी रहा। धरना स्थल पर शाम को पहुंचे एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने व्यापारियों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को डीएम के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने कहा कि डीएम के निर्देश पर नेपाल प्रशासन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। कोतवाल धर्मवीर सोलंकी के नेतृत्व बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने कहा कि 27 नवंबर तक मांगे नहीं मानी गईं तो वे सीमा पर जोरदार प्रदर्शन करेंगे। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी, महामंत्री संजय पारीक, उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल, कोषाध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल, व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष जगजीत सिंह गांधी, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, सत्यनारायण गोयल, पूर्णानंद कापड़ी, बलवंत पारीक, राकेश गुप्ता, प्रेमचंद्र अग्रवाल, रामदास अग्रवाल, रामसेवक अग्रवाल, विजय जोशी, राजेंद्र कश्यप, पवन पारीक, सुशील देवल, सियाराम गोयल आदि थे।
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ये हैं बनबसा के व्यापारियों की पांच मांगें
1- भारत आने वाले नेपाली नागरिकों की कोविड 19 जांच हो।
2- बनबसा के व्यापारियों को अपने वाहन से नेपाल जाने की छूट दी जाए।
3- भारतीय व्यापारियों को नेपाल प्रशासन पूर्ण सुरक्षा प्रदान करे।
4- खुली सीमा से नेपाली नागरिकों का भारत प्रवेश बंद किया जाए।
5- गढ़ीगोठ अवैध रास्तों आदि से आवागमन और तस्करी रोकी जाए।