{"_id":"5a7f28454f1c1ba1268b986d","slug":"despu-s-de-todo-en-cuyo-cofre-los-rboles-corren-en-las-sierras","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर किसकी शह पर चला दी पेड़ों पर आरी!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर किसकी शह पर चला दी पेड़ों पर आरी!
अमर उजाला ब्यूूूूराे चंपावत
Updated Sat, 10 Feb 2018 10:43 PM IST
विज्ञापन
सौराई गांव में काटे गए पेड़।
- फोटो : अमर उजाला
एक क्षेत्र पंचायत सदस्य ने वन कानून को ताख पर रख कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर बांज, बुरांश, कुकाट जैसी प्रजातियों के 61 पेड़ काट डाले। बहाना ये कि से पेड़ तल्लादेश के दूरस्थ गांव सौराई तक सड़क पहुंचाने में बाधक थे। इतने बड़े पैमाने पर पेड़ कट जाने के बाद वन विभाग नींद से जागा। शनिवार को वन क्षेत्राधिकारी केसी तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया। इस मामले एक क्षेत्र पंचायत सदस्य के अलावा दस अज्ञात लोगों के खिलाफ वन अपराध का मुकदमा दर्ज किया गया है।
दो दिनों के भीतर 61 पेड़ों को काटा जाना वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़ा करता है। संबंधित इलाके के वन बीट अधिकारी और वन दरोगा की भूमिका की जांच कराने की विभागीय अधिकारी बात कह रहे हैं। विभागीय कर्मियों की इस प्रकरण में क्या भूमिका थी, इसका उत्तर जांच पूरा होने पर मिलेगा। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के पेड़ काटने में कुछ बड़े सियासी नेताओं का संरक्षण रहा है। कुछ कद्दावर नेता अब आरोपियों को बचाने के लिए दबाव भी डालने लगे हैं। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट का कहना है कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी केसी तिवारी ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश सिंह बोहरा सहित कुछ ग्रामीणों ने सौराई की सड़क निर्माण के लिए आठ फरवरी की रात से पेड़ काटने की शुरुआत की। उन्होंने बांज, बुरांश, कुकाट प्रजाति के 61 छोटे-बड़े पेड़ों को काट डाला गया। बीडीसी सदस्य कैलाश सिंह बोहरा व दस अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ वन अपराध के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। काटी गई वन संपदा को वन विभाग ने कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन
इधर चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट ने बताया कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को नियमों के अंतर्गत दंडित किया जाएगा। वे स्वयं भी रविवार को मौका मुआयना करेंगे। जांच में विभागीय लापरवाही मिलने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्तावित है दस किमी सड़क
तल्लादेश में मिट्टीखाल से सौराई तक की 10 किलोमीटर लंबाई की सड़क प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग के चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि 2015 में विभाग ने वन अनापत्ति के लिए प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा है। अलबत्ता अभी वन अनापत्ति नहीं मिली है। दस किमी लंबे मार्ग में 508 पेड़ आ रहे हैं। इस सड़क के बनने से हरतोला, सौराई, तल्ली सौराई और भनार गांव के लोगों को लाभ होगा।
विज्ञापन
दो दिनों के भीतर 61 पेड़ों को काटा जाना वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़ा करता है। संबंधित इलाके के वन बीट अधिकारी और वन दरोगा की भूमिका की जांच कराने की विभागीय अधिकारी बात कह रहे हैं। विभागीय कर्मियों की इस प्रकरण में क्या भूमिका थी, इसका उत्तर जांच पूरा होने पर मिलेगा। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के पेड़ काटने में कुछ बड़े सियासी नेताओं का संरक्षण रहा है। कुछ कद्दावर नेता अब आरोपियों को बचाने के लिए दबाव भी डालने लगे हैं। वहीं प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट का कहना है कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विज्ञापन
चंपावत के वन क्षेत्राधिकारी केसी तिवारी ने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य कैलाश सिंह बोहरा सहित कुछ ग्रामीणों ने सौराई की सड़क निर्माण के लिए आठ फरवरी की रात से पेड़ काटने की शुरुआत की। उन्होंने बांज, बुरांश, कुकाट प्रजाति के 61 छोटे-बड़े पेड़ों को काट डाला गया। बीडीसी सदस्य कैलाश सिंह बोहरा व दस अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ वन अपराध के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। काटी गई वन संपदा को वन विभाग ने कब्जे में ले लिया है।
विज्ञापन
इधर चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी केएस बिष्ट ने बताया कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों को नियमों के अंतर्गत दंडित किया जाएगा। वे स्वयं भी रविवार को मौका मुआयना करेंगे। जांच में विभागीय लापरवाही मिलने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्तावित है दस किमी सड़क
तल्लादेश में मिट्टीखाल से सौराई तक की 10 किलोमीटर लंबाई की सड़क प्रस्तावित है। लोक निर्माण विभाग के चंपावत खंड के अधिशासी अभियंता डीडी भट्ट ने बताया कि 2015 में विभाग ने वन अनापत्ति के लिए प्रस्ताव बनाकर वन विभाग को भेजा है। अलबत्ता अभी वन अनापत्ति नहीं मिली है। दस किमी लंबे मार्ग में 508 पेड़ आ रहे हैं। इस सड़क के बनने से हरतोला, सौराई, तल्ली सौराई और भनार गांव के लोगों को लाभ होगा।