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मंजूर सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराने को किया प्रदर्शन
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Demonstrated to start construction of approved road
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। 16 साल पहले स्वीकृत मंच-बकोड़ा सड़क में काम शुरू नहीं होने से आक्रोशित बकोड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में उन्होंने जल्द सड़क का निर्माण कार्य शुरू न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। पिछले साल लोकसभा चुनाव में भी यहां के लोगों ने सड़क की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार किया था।
बीडीसी सदस्य रंजना बोहरा, दिनेश बोहरा आदि का कहना है कि नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के गोनी, मरथसला, सियोतोली, खडगिरि, मटकांडा, सूनागांव, अतेरी, बकोड़ा गांव के लोगों को सड़क न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोड तक पहुंचने के लिए चार से 12 किमी तक पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। कहा कि 16 साल पूर्व सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बावजूद इस सड़क में आज तक काम शुरू नहीं होना ग्रामीणों की सरासर उपेक्षा है।
ग्रामीणों ने रोड को लोनिवि के बजाय पीएमजीएसवाई को देने की भी मांग की है। साथ ही तुरंत काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन करने वालों प्रधान महेंद्र रावत, पूर्व प्रधान फतेह सिंह, जोहार सिंह, चंचल सिंह, चंदन, तेज सिंह आदि शामिल थे। वहीं लोनिवि के ईई एमसी पांडेय का कहना है कि विभाग की ओर से वन अनापत्ति 2015 में भेजी जा चुकी थी। मामला नोडल कार्यालय देहरादून में लंबित है।
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बीडीसी सदस्य रंजना बोहरा, दिनेश बोहरा आदि का कहना है कि नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश क्षेत्र के गोनी, मरथसला, सियोतोली, खडगिरि, मटकांडा, सूनागांव, अतेरी, बकोड़ा गांव के लोगों को सड़क न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। रोड तक पहुंचने के लिए चार से 12 किमी तक पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। कहा कि 16 साल पूर्व सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बावजूद इस सड़क में आज तक काम शुरू नहीं होना ग्रामीणों की सरासर उपेक्षा है।
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ग्रामीणों ने रोड को लोनिवि के बजाय पीएमजीएसवाई को देने की भी मांग की है। साथ ही तुरंत काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन करने वालों प्रधान महेंद्र रावत, पूर्व प्रधान फतेह सिंह, जोहार सिंह, चंचल सिंह, चंदन, तेज सिंह आदि शामिल थे। वहीं लोनिवि के ईई एमसी पांडेय का कहना है कि विभाग की ओर से वन अनापत्ति 2015 में भेजी जा चुकी थी। मामला नोडल कार्यालय देहरादून में लंबित है।
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