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Champawat News: बाटनागाड़ में फिर आया मलबा, डेढ़ घंटे ठप रही आवाजाही
Wed, 25 Jun 2025 10:07 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 25 Jun 2025 10:07 PM IST
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टनकपुर के पूर्णागिरि मार्ग के बाटनागाड़ में मलबा आने से बूम में लगी वाहनों की लाइन। प्रशासन
टनकपुर (चंपावत)। पहाड़ों और क्षेत्र में हुई बारिश के कारण बुधवार को पूर्णागिरि मार्ग पर एक बार फिर मलबा आने से डेढ़ घंटे तक आवाजाही ठप रही। प्रशासन ने मार्ग पर फंसे 100 से ज्यादा यात्रियों को बिस्कुट, पानी आदि दिया। लोनिवि की जेसीबी और पोकलेन मशीन ने दोपहर करीब दो बजे मार्ग खोला जिसके बाद आवाजाही शुरू हो सकी।
पिछले दिनों बाटनागाड़ में मलबा आने से मार्ग चार दिन तक बंद रहा था। मलबे की चपेट में आने से एक दुकानदार की भी मौत हो गई थी। खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक मार्ग पर आवाजाही बंद रखी है। बरसात होने पर नदी-नाले उफान पर आने या मलबा आने पर बूम में बैरियर लगाकर लोगों को रोका जा रहा है।
बुधवार को डीएम मनीष कुमार और एसडीएम आकाश जोशी आदि बाटनागाड़ क्षेत्र का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे बाटनागाड़ में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। लोनिवि ने दोपहर डेढ़ बजे मलबा हटाकर रोड खोली। इस बीच रास्ते में फंसे लोगों को राजस्व निरीक्षक अनिल टम्टा ने प्रशासन की ओर से बिस्कुट और पानी की बोतल बांटी।
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बाटनागाड़ में आए मलबे का उपयोग भू-कटाव रोकने में करने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। डीएम मनीष कुमार के बुधवार को बाटनागाड़ क्षेत्र के निरीक्षण के उचौलीगोठ के ग्रामीण सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह महर के साथ उनसे मिले। उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कहा कि कई वर्षों से बाटनागाड़ में बरसात के दौरान भारी मलबा आने से रोड बंद हो जाती है। उन्होंने इस मलबे का उपयोग ग्राम पंचायत उचौलीगोठ में शारदा नदी से हो रहे भू-कटाव को रोकने में करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि शारदा नदी से इस बार भी भू-कटाव होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में उनकी मांग पर जल्द कार्यवाही की जाए। ज्ञापन देने वालों में केदार सिंह, सुरेश सिंह, सुंदर सिंह, सूरज, नवीन सिंह समेत अनेक ग्रामीण शामिल हैं।
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पिछले दिनों बाटनागाड़ में मलबा आने से मार्ग चार दिन तक बंद रहा था। मलबे की चपेट में आने से एक दुकानदार की भी मौत हो गई थी। खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से शाम छह बजे से सुबह छह बजे तक मार्ग पर आवाजाही बंद रखी है। बरसात होने पर नदी-नाले उफान पर आने या मलबा आने पर बूम में बैरियर लगाकर लोगों को रोका जा रहा है।
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बुधवार को डीएम मनीष कुमार और एसडीएम आकाश जोशी आदि बाटनागाड़ क्षेत्र का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे बाटनागाड़ में मलबा आने से मार्ग बंद हो गया था। लोनिवि ने दोपहर डेढ़ बजे मलबा हटाकर रोड खोली। इस बीच रास्ते में फंसे लोगों को राजस्व निरीक्षक अनिल टम्टा ने प्रशासन की ओर से बिस्कुट और पानी की बोतल बांटी।
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बाटनागाड़ में आए मलबे का उपयोग भू-कटाव रोकने में करने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। डीएम मनीष कुमार के बुधवार को बाटनागाड़ क्षेत्र के निरीक्षण के उचौलीगोठ के ग्रामीण सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह महर के साथ उनसे मिले। उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर कहा कि कई वर्षों से बाटनागाड़ में बरसात के दौरान भारी मलबा आने से रोड बंद हो जाती है। उन्होंने इस मलबे का उपयोग ग्राम पंचायत उचौलीगोठ में शारदा नदी से हो रहे भू-कटाव को रोकने में करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि शारदा नदी से इस बार भी भू-कटाव होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में उनकी मांग पर जल्द कार्यवाही की जाए। ज्ञापन देने वालों में केदार सिंह, सुरेश सिंह, सुंदर सिंह, सूरज, नवीन सिंह समेत अनेक ग्रामीण शामिल हैं।